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दो कोटेदारों पर एफआईआर

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दो कोटेदारों पर एफआईआर
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बुलंदशहर। जिले में राशन की दुकानों पर बरती जा रही लापरवाही को लेकर विभाग सजग हो गया है। राशन न बांटने समेत कई तरह के आरोपों की शिकायत मिलने पर विभाग ने 37 दुकानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण में नियमानुसार राशन नहीं बांटने का मामला सामने आया। इस पर विभाग की ओर से दो कोटेदारों पर एफआईआर दर्ज करवाई गई है। साथ ही दोनों दुकानों के लाइसेंस भी निरस्त कर दिए गए हैं।
जिले में इस समय 1352 राशन की दुकान संचालित हैं। इन दुकानों से जिले के 6.95 लाख राशन कार्ड धारक जुड़े हुए हैं। मार्च माह तक दो बार दुकानों के माध्यम से राशन कार्ड से संबंधित करीब 25 लाख लोगों को निशुल्क राशन दिया जा रहा है। एक बार के राशन के साथ प्रति कार्ड एक किलो खाद्य तेल, एक किलो नमक और एक किलो चना भी दिया जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर विभाग को राशन की दुकान चलाने वाले कोटेदारों की ओर से बरती जा रही लापरवाही की शिकायत भी मिल रही हैं। विभाग को 37 ऐसी शिकायत मिली, जिनमें कार्ड धारकों की ओर से कोटेदारों पर पूरा राशन न देने और अभद्र व्यवहार जैसे आरोप भी लगाए गए। इस तरह की सोशल मीडिया पर वीडियो भी वायरल हुई। इन शिकायतों को लेकर विभाग की ओर से दुकानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अहार और बीबीनगर क्षेत्र के गांव भैंसापुर की दुकान पर उपलब्धता से अधिक राशन प्राप्त हुआ। इससे यह साफ हो गया कि दोनों कोटेदारों ने नियमानुसार राशन का वितरण नहीं किया और कार्ड धारकों द्वारा लगाए गए आरोप भी सही हैं। इस पर अहार में स्वयं सहायता समूह की ओर से संचालित राशन की दुकान चलाने वाली महिला राजेश के खिलाफ विभाग की ओर से थाना अहार में आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा के तहत रिपोर्ट दर्ज करवा दी गई है। इसी तरह भैंसापुर में राशन की दुकान चलाने वाले कोटेदार मेहकार के खिलाफ भी थाना बीबीनगर में आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा के तहत रिपोर्ट दर्ज करवा दी है। विभागीय अफसरों ने बताया कि अभी कई कोटेदार विभाग की रडार पर हैं और जल्द ही उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इन दोनों दुकानों के लाइसेंस निरस्त कर राशन वितरण की जिम्मेदारी नजदीकी दूसरी राशन की दुकान को सौंप दी गई है, ताकि कार्ड धारकों को राशन लेने के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े।
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राशन मिल में पकड़े गए चावल का भी खुलासा नहीं
पिछले दिनों विभाग की टीम ने अनूपशहर रोड स्थित एक मिल पर छापेमारी कर 433 बोरी सरकारी चावल पकड़ा था। इस मामले में विभाग की ओर से मिल मालिक समेत पांच लोगों पर एफआईआर करवा दी थी। लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी अफसर यह पता नहीं लगा पाए कि चावल कहां से आया था।
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कोट =
किसी भी कोटेदार की शिकायत को नजरंदाज नहीं किया जाएगा। दो कोटेदारों पर एफआईआर करवा दी है, जबकि अभी कई कोटेदार रडार पर हैं। इनके खिलाफ भी जल्द जांच पूरी कर कार्रवाई की जाएगी।
- अभय प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी
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