वन रक्षक के हत्यारे कलुआ को आजीवन कारावास
बुलंदशहर। वन रक्षक की हत्या के मामले में आरोपी राजू उर्फ विशाल उर्फ कलुआ को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनूपशहर की कोर्ट ने दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। कोर्ट ने अर्थदंड की आधी राशि पीड़ित परिवार को देने के आदेेश दिए हैं।
यह था मामला
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राहुल उपाध्याय ने बताया कि 25 अगस्त 2017 को निखिल शर्मा पुत्र सुरेश कुमार शर्मा निवासी द्रोण बाजार डिबाई ने अपने पिता की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि उसके पिता सुरेश कुमार शर्मा वन विभाग में वन रक्षक के पद पर डिबाई में तैनात थे। 24 अगस्त की शाम करीब छह बजे वह बाइक से बाजार गए थे। इसके बाद वह वापस नहीं लौटे थे। काफी देर तलाश करने और मोबाइल पर फोन करने पर भी उनका कोई सुराग नहीं लग सका था। जिसके बाद अगली सुबह करीब दस बजे डिबाई-नरौरा रोड पर एक खेत में उनका शव पड़ा मिला था। जबकि मौके से मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन गायब था। पुलिस ने छानबीन के बाद हत्या और लूटपाट के मामले में राजू उर्फ विशाल निवासी गांव चौसी थाना अहार को आरोपी बनाते हुए चार्जशीट पेश की थी। दोनों पक्षों को सुनने और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी राजू को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।
इनकी हुई गवाही
कोर्ट ने मामले में शिकायतकर्ता निखिल कुमार शर्मा, हेमंत कुमार, राजमुनि शर्मा, ऋषिपाल, पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक डॉ. जाहिद अली, विवेचक अरविंद कुमार, हेड कांस्टेबल राजीव तोमर व हेड कांस्टेबल मो. अब्बास के बयान दर्ज किए थे।