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आयुष्मान में फर्जीवाड़ा : तीन लोगों ने फर्जी कार्ड से कराया उपचार

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आयुष्मान में फर्जीवाड़ा : तीन लोगों ने फर्जी कार्ड से कराया उपचार
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बुलंदशहर। आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा सामने आया है। तीन लोगों ने फर्जी कार्ड बनवाकर उपचार करा लिया। जनवरी में हुए स्वास्थ्य विभाग के ऑडिट में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। विभागीय अफसरों को विभिन्न अस्पतालों की रिपोर्ट के अनुसार 24 फर्जी कार्ड पकड़ में आ चुके हैं। इन मामलों में जांच भी शुरू हो गई है।
आयुष्मान योजना के तहत गोल्डन कार्ड धारक के परिवार को एक वर्ष में पांच लाख रुपये तक के निशुल्क इलाज का प्रावधान है। यह राशि परिवार के एक ही सदस्य के उपचार पर भी खर्च की जा सकती है। स्वास्थ्य अफसरों के अनुसार जिले में 201662 पात्र परिवार हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार एक परिवार में औसतन पांच सदस्य मानें तो जनपद में 1008310 लोगों को गोल्डन कार्ड जारी किए जाएंगे।
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योजना में सरकारी के साथ निजी अस्पताल में निशुल्क उपचार होने की सुविधा मिलने पर अपात्र लोगों ने भी सुविधा का लाभ लेना शुरू कर दिया है। बीते दिनों अस्पताल में उपचार करने के बाद संबंधित दस्तावेजों की जांच में तीन अपात्र लोग पाए गए। जबकि, 24 लोग कार्ड की जांच करने में पकड़े गए। जिन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
पहले भी फर्जी कार्ड बनाने का आ चुका है मामला
स्याना क्षेत्र में बीते दिनों एक कम्प्यूटर संचालक ने एक-एक हजार रुपये लेकर अपात्र लोगों को फर्जी गोल्डन कार्ड बना दिया था। जिसे संज्ञान में लेकर अफसरों ने संबंधित कम्प्यूटर संचालक पर कार्रवाई करनी चाही, लेकिन कोई लिखित शिकायत न मिलने पर छोड़ दिया गया।
सरकारी चिकित्सालयों में निशुल्क बनता है गोल्डन कार्ड
पात्र लाभार्थी सरकारी चिकित्सालयों में जाकर निशुल्क गोल्डन कार्ड बनवा सकते हैं। जबकि कामन सर्विस सेंटर पर गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए निर्धारित धनराशि देनी होती है। इसके लिए पात्र को अपनी पहचान और पते का प्रमाणपत्र दिखाना होगा।
प्रत्येक माह होती है उपचार करवाने वालों की जांच
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री जन आरोग्य आयुष्मान योजना को तीन वर्ष से अधिक समय हो चुका है। योजना में अभी तक जिले के 18 सरकारी तो 18 निजी अस्पताल जुड़े हुए हैं। सभी अस्पतालों में प्रत्येक माह लाभार्थियों के उपचार संबंधी जांच की जाती है।
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जिले में अब तक 22307 ले चुके सुविधा का लाभ
अभी तक 289174 लोगों के ही कार्ड बन चुके है। जबकि अब तक सरकारी और निजी अस्पतालों में 22307 लोग सुविधा के तहत निशुल्क उपचार करवा चुके हैं।
कोट
आयुष्मान लाभार्थियों के उपचार की बीते दिनों जांच के दौरान तीन लोग फर्जी कार्ड से उपचार करवाने का मामला सामने आया है। मामले की जांच बैठा दी गई है। तीन दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ
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