लखनऊ में बुलंदशहर के जैविक खाद्य पदार्थों ने मचाई धूम
बुलंदशहर। लखनऊ स्थित भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान तेलीबाग में चार दिवसीय एग्रोविजन मेला लगा। मेले में बुलंदशहर के जैविक खाद्य पदार्थों की धूम रही। यहां पर जैविक गुड़, चावल, दाल, आटा और सरसों का तेल आदि की काफी डिमांड रही। मेले में गंगा किनारे जैविक खेती करने वाले किसानों ने जैविक खाद्य पदार्थों की बिक्री के लिए स्टॉल लगाए।
केंद्र व प्रदेश सरकार की पहल पर जिले में गंगा किनारे वाले 39 गांवों में पिछले तीन साल से जैविक खेती कराई जा रही है। इससे 1500 से अधिक किसान जुड़े हैं और 1050 हेक्टेयर से अधिक भूमि में जैविक खेती के माध्यम से गेहूं, धान, मक्का, ईंख, दाल, बाजरा, सरसों, जैविक हल्दी और जैविक काले गेहूं की खेती की जा रही है। इन किसानों की ओर से अपनी जैविक फसलों के उत्पाद बनाकर बेचे जा रहे हैं, जिससे वह अच्छी आमदनी भी पा रहे हैं। लखनऊ स्थित भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान तेलीबाग में चार दिवसीय एग्रोविजन मेले में भी इस क्षेत्र के किसानों ने भागीदारी की। जहां पर उन्होंने जैविक मूंग की दाल, जैविक बासमती चावल, जैविक चना और बेसन, जैविक गुड़, जैविक हल्दी, जैविक पीली सरसों व काली सरसों का तेल और जैविक काले गेहूं के आटे की स्टॉल लगाई। किसानों ने बताया कि यहां पर हमारी ओर से लगाई गई स्टॉल पर जैविक खाद्य पदार्थों की काफी मांग रही।
अधिकारी डास्प का कहना है कि लखनऊ में लगे चार दिवसीय एग्रोविजन मेले में जिले के जैविक खेती करने वाले किसानों ने अपने जैविक खाद्य पदार्थों की स्टाल लगाई। जहां पर उन्होंने अपने द्वारा तैयार किए गए जैविक उत्पाद बेचकर अच्छी आमदनी पाई है। इस मेले में जिले के जैविक खाद्य पदार्थों की मांग अधिक होने के कारण पूर्ति भी नहीं हो सकी।