बुलंदशहर में 29 फरवरी को जन्में 41 बच्चे
बुलंदशहर। 29 फरवरी को पूरे जिले में 41 बच्चों ने जन्म लिया। जिनका जन्मदिन मनाने को अब परिजनों को चार साल का इंतजार करना होगा। वहीं, लीप वर्ष में जन्मे बच्चों को लेकर परिवार में खुशी का माहौल बना रहा।
लीप वर्ष यानी 29 फरवरी का एक विशेष महत्व है। इसका सबसे बड़ा असर इस दिन जन्मे या इस दिन में शादी या अन्य कार्य को यादगार मनाने के इन सभी लोगों को चार साल तक इंतजार करना पड़ता है। वहीं, अब इस श्रृंखला में 41 नवजात और 40 से अधिक नवदंपतियों का नाम और जुड़ गया। जिला महिला अस्पताल में जहां 36 बच्चों का जन्म हुआ। जिला महिला अस्पताल में जन्मे बच्चों में 17 बेटी और 21 बेटे शामिल है।
वहीं, खुर्जा क्षेत्र के विभिन्न अस्पतालों में लीप डे को पांच बच्चों का जन्म हुआ। इस वर्ष के लीप डे को खुर्जा नगर के मंदिर रोड स्थित शिवम अस्पताल में रुकसाना पत्नी जाकिर निवासी बारादरी ने शाम 05.19 बजे पर बेटी को जन्म दिया। अस्पताल की चिकित्सक डा. सीमा गोयल और डा. मनीष गोयल ने बेटी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं अस्पताल रोड स्थित भवानी नर्सिंग होम में रीता पत्नी नरेश निवासी गांव जवां जिला गौतमबुद्धनगर ने बेटा, प्रियंका पत्नी नरेश निवासी जहांगीराबाद ने बेटा, मुन्नी पत्नी नदीम निवासी वाजिदपुर ने बेटी और पूजा पत्नी ललित निवासी रामगढ़ी ने बेटी को जन्म दिया। अस्पताल की चिकित्सक डा. सुधा अग्रवाल ने सभी नवजात शिशुओं के लिए शुभकामनाएं दी। वहीं शिशुओं के लीप डे पर जन्म होने से उनके परिजनों में खुशी का माहौल है।
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जिला महिला अस्पताल की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सुधा ने बताया कि अस्पताल आने वाली प्रसव पीड़िता का नियमानुसार प्रसव कराया गया। साथ ही कुछ परिजनों ने 29 फरवरी को यादगार मनाने के लिए इंतजार तो कुछ ने ऑपरेशन द्वारा डिलीवरी कराई।