एक साल 17 दिन बाद फिर बवाल की आग में झुलसा बुलंदशहर
बुलंदशहर। जनपद में एक बार फिर बवाल ने बीते वर्ष की दर्दनाक यादों को ताजा कर दिया। एक वर्ष 17 दिन बाद बुलंदशहर फिर से बवाल की आग में झुलस गया। बस अंतर इतना था कि इस बार प्रदर्शन नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में था, जिसने बवाल का रूप लिया।
गत वर्ष तीन दिसंबर 2018 को स्याना की चिंगरावठी चौकी पर गोवंश कटान को लेकर हुए विवाद ने बवाल का रूप ले लिया था। जिसमें तत्कालीन स्याना कोतवाल सुबोध कुमार सिंह समेत चिंगरावठी निवासी युवक सुमित कुमार की गोली लगने से मौत हो गई थी। अभी यह कलंक जनपद के माथे से मिटा भी नहीं था कि शुक्रवार को हुए हिंसक प्रदर्शन ने एक बार फिर स्यान कंाड की यादों को ताजा कर दिया। ऊपरकोट पर हुए बवाल ने भी आगजनी, पथराव और फायरिंग से पूरे जनपद को दहला दिया। जिसकी गूंज चंद मिनटों में ही प्रदेश भर में भी गूंजने लगी। आनन-फानन में अधिकारियों ने स्थानीय नेताओं के साथ मिलकर स्थिति को नियंत्रण में लिया। सभी राजनैतिक दलों के जिलाध्यक्षों ने भी जनपदवासियों से शांति व्यवस्था को बनाए रखने की व किसी भी कीमत पर आपसी भाईचारे व सौहार्द को बरकरार रखने की अपील की है।