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आवरा कुत्ते ने पांच लोगों को काटा, दो गंभीर

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आवरा कुत्ते ने पांच लोगों को काटा, दो गंभीर
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बुलंदशहर/गुलावठी। गुलावठी क्षेत्र में एक पागल कुत्ते ने बुधवार रात एक के बाद एक पांच लोगों पर हमला कर उन्हें काटकर जख्मी कर दिया। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां दो युवकों की हालत गंभीर देख जीटीबी अस्पताल दिल्ली के लिए रेफर कर दिया गया। बाकी लोगों को एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) लगाकर घर भेज दिया गया।
गुलावठी नगर के मोहल्ला रामनगर निवासी भोलू (58) पुत्र आशिक अली, निखिल (22) पुत्र देवरतन, मोहल्ला फजरूल्ला निवासी रोशन (40) पुत्र प्रकाश और रिंशी गोयल (22) पुत्री नरेश चंद और कुराना निवासी आसिफ (27) पुत्र आलम को बुधवार रात एक पागल कुत्ते ने काट लिया। कई लोगों को काटने पर लोगों ने पागल कुत्ते को लाठी-डंडों से पीटकर मार दिया। वहीं, कुत्ते का शिकार हुए लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। जिनमें निखिल एवं भोलू के अधिक जख्मी होने पर चिकित्सकों ने दिल्ली जीटीबी अस्पताल रेफर कर दिया। लोगों का कहना है कि नगर में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ रहा है। जिस पर पालिका लगाम नहीं लगा पा रही है। वहीं, पालिका सभासद संजीव गोयल डिग्गू ने मांग की है कि आवारा कुत्तों की जांच कर उन्हें चिह्नित किया जाए, जिससे अन्य लोग शिकार होने से बच सकें।
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कुत्ता पागल होने पर पूरा कोर्स होता है जरूरी
किसी को यदि पागल कुत्ते ने काटा है तो उसे एआरवी का पूरा कोर्स करना चाहिए। तभी रेबीज का खतरा टल सकता हैं। हालांकि लोग एक-दो इंजेक्शन के बाद अन्य इंजेक्शन लगवाने में लापरवाही बरतते हैं।
आवारा कुत्ते प्रतिदिन बना रहे 200 से अधिक को शिकार
- अकेले जिला अस्पताल में 150 से अधिक मरीजों को लग रही एआरवी
माई सिटी रिपोर्टर
बुलंदशहर। जनपदभर में प्रतिदिन 200 से अधिक लोगों को आवारा कुत्ते अपना शिकार बना रहे हैं। साथ ही बंदर आदि के काटने से यह संख्या 400 से पार पहुंच रही है। आवारा जानवरों के काटने के शिकार लोगों में अकेले जिला अस्पताल में 150 से अधिक मरीजों को हर दिन एआरवी लगाई जा रही है।
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बता दें कि आवारा जानवरों के काटने पर एआरवी (एंटी रेबीज वैक्सीन) लगाई जाती है। जिला अस्पताल समेत जनपद के समस्त सरकारी चिकित्सालयों में एआरवी लगाने के निर्देश हैं। लेकिन कुछ स्वास्थ्य केंद्रों पर एआरवी न मिलने पर मरीजों को मुख्यालय तक की दौड़ लगानी पड़ती हैं। अकेले जिला अस्पताल में प्रतिदिन 150 से अधिक मरीजों को एआरवी लगाई जा रही है। सीएमओ डॉ. केएन तिवारी ने बताया कि एआरवी सभी सीएचसी, पीएचसी और जिला स्तरीय अस्पतालों में उपलब्ध हैं। साथ ही केंद्रों पर आने वाले सभी मरीजों को एआरवी लगाने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई लापरवाही बरत रहा है तो संबंधित की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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