10 दिन में टाइफाइड के 118 तो डायरिया के 143 मरीज मिले
बुलंदशहर। अप्रैल में मई-जून जैसी गर्मी पड़ने से बच्चों के साथ-साथ बड़े-बुजुर्ग भी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों में टाइफाइड और डायरिया के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में 34 मरीजों की जांच में 12 टाइफाइड से ग्रस्त मिले। पिछले 10 दिनों में टाइफाइड के 118 मरीज तो डायरिया के 143 मरीज उपचार के लिए आ चुके हैं।
प्रतिदिन जिला अस्पताल में 40 से अधिक लोग जांच कराने आ रहे हैं। इनमें औसतन 10 से अधिक लोगों में टाइफाइड की पुष्टि हो रही है। पांच अप्रैल से 16 अप्रैल तक जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में 399 लोगों का सैंपल लेकर टाइफाइड की जांच की गई, इनमें 118 लोगों में टाइफाइड की पुष्टि हुई। सोमवार को सर्वाधिक 25 लोग टाइफाइड से पीड़ित मिले। निजी पैथोलॉजी लैब पर प्रतिदिन 50 से अधिक लोगों में टाइफाइड की पुष्टि की जा रही है। नौ अप्रैल को बासी खाना खाने से दो परिवार के 14 लोग डायरिया की चपेट में आ गए थे।
टाइफाइड के लक्षण
टाइफाइड में मरीजों को तेज बुखार आता है, जो 103 डिग्री से 104 डिग्री तक बढ़ सकता है। टाइफाइड का बुखार लगभग एक सप्ताह तक आता है। बुखार आने के साथ ही पेट दर्द, भूख नहीं लगना, सिरदर्द होना, शरीर के कई हिस्सों में दर्द होना और दस्त की शिकायत होती है।
डायरिया होने के कारण
चिकित्सकों के अनुसार गर्मियों में टाइफाइड के अधिक होने की प्रमुख वजह दूषित पेय पदार्थों का सेवन है। इस मौसम में बासी या काफी देर पहले बना खाद्य पदार्थ खाने से बचना चाहिए। कटे हुए और खुले में रखे फाल खाने से भी बचना चाहिए। एसी से निकलकर सीधे धूप में जाने या धूप में लौटकर तत्काल एसी चलाने और ठंडा पानी पीने से भी दिक्कत हो सकती है।
मच्छरों से बढ़ रहा मर्ज
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मच्छरों की बढ़ती संख्या ने लोगों की नाक में दम कर दिया है। न तो शहरी और गांव में एंटी लार्वा का छिड़काव हो रहा है, न फॉगिंग कराई जा रही है।
कोट
बदलते मौसम और खानपान के कारण लोग टाइफाइड और डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। लोगों बीमारियों से जागरूक करने के लिए संचारी रोग अभियान चलाया जा रहा है। जल्द ही एंटी लार्वा का छिड़काव करा दिया जाएगा। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ