विदेश मंत्रालय पहुंचे यूक्रेन में फंसे छात्रों के परिजन, वापसी की लगाई गुहार
बुलंदशहर/सिकंदराबाद। यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध के बीच इस समय जिले के 20 से अधिक छात्र यूक्रेन में फंसे हुए हैं। यह सभी छात्र एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। शुक्रवार पूरे दिन परिजनों की निगाहें टीवी पर टिकी रहीं और लगातार संपर्क बनाकर हाल-चाल जानते रहे। कुछ ने कहा कि जल्द वापसी की आस है तो कुछ ने अभी नहीं आने की संभावना जताई है। वहीं, दूसरी ओर छात्रों के परिजनों ने विदेश मंत्रालय पहुंचे और बच्चों को सकुशल घर वापस लाने की गुहार लगाई है।
सिकंदराबाद स्थित रोडवेज बस स्टैंड के सामने रहने वाले जयप्रकाश सैनी ने बताया कि उनका पुत्र आकाश सैनी यूक्रेन से एमबीबीएस कर रहा है। उन्होंने दिल्ली पहुंचकर बेटे की वापसी के लिए विदेश मंत्रालय से संपर्क किया था। उन्होंने यूक्रेन के दूतावास में भी संपर्क किया। विदेश मंत्रालय ने उन्हें बेटे की सकुशल घर वापसी का भरोसा दिलाया है। फोन पर बातचीत के दौरान बेटे ने बताया कि यहां के हालात काफी खराब है। बमबारी के चलते वह असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर कई अन्य छात्रों के परिजनों ने भी दिल्ली पहुंचकर अपने बच्चों को सकुशल घर वापसी के लिए प्रयास कर रहे हैं। जिला अस्पताल में फार्मासिस्ट पवन शर्मा ने बताया कि आयुष से संपर्क जारी है, लेकिन अभी यह साफ नहीं हो सका है कि वह कब लौटेगा। अनूपशहर अड्डा निवासी हाजी शकील ने बताया कि अपने पुत्र शान मोहम्मद के सकुशल लौटने की दुआ मांग रहे हैं। छात्रों के परिजनों का कहना है कि भारत सरकार को यूक्रेन में फंसे सभी छात्रों को वहां से लाने के लिए कदम उठाने चाहिए। कुछ अभिभावकों ने बताया कि दूतावास से बताया गया है कि बच्चों को सकुशल घर लाया जाएगा। खानपुर की चौहान बस्ती निवासी प्रशांत यूक्रेन के इवानो में एमबीबीएस कर रहा है। प्रशांत के परिजनों ने बताया कि संपर्क करने पर पता चला कि उसे कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में उसकी चिंता सता रही है।
फंसे बंकर में, कंपकंपा देती है धमाकों की आवाज
नगर के मोहल्ला भाटियावाड़ा निवासी संदीप सैनी का पुत्र अनुराग सैनी यूक्रेन की राजधानी कीव से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। फोन पर बातचीत के दौरान अनुराग सैनी ने बताया कि चारो ओर धमाकों की आवाज सुनाई दे रही है। रूसी सेना उनके हॉस्टल से करीब दो किमी की दूरी पर है। यूक्रेन प्रशासन की ओर से उन्हें बंकर में शिफ्ट किया जा रहा है। उनके पास खाने पीने का सामान भी समाप्त होने लगा है। बमबारी के चलते वह असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। अनुराग के पिता संदीप सैनी ने बताया कि उनकी लगातार अनुराग से फोन पर बात हो रही है। मोहल्ला वेदवाड़ा निवासी अमित गोयल का पुत्र मुकुल गोयल भी यूक्रेन से एमबीबीएस कर रहा है। उसके परिजन भी सकुशल घर वापसी के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं।
बैंक से नहीं निकल रहे पैसे, सड़कों पर घूम रहे टैंक
नरौरा। परमाणु संयंत्र में कार्यरत जितेंद्र पांडेय के पुत्र तुषार पांडेय यूक्रेन के ओडेसा में एमडी फिजीयिन के छात्र हैं। जितेंद्र पांडेय ने बताया कि शुक्रवार को दोपहर में फोन पर उनकी बात हुई जिसमें तुषार ने बताया कि सड़कों पर रसियन टैंक घूम रहे हैं। भारतीय दूतावास के संपर्क में हैं। दूतावास के अधिकारियों ने बताया है कि आप लोगों को पोलेंड की ओर जाने की आवश्यकता नहीं हैं। दूतावास से तैयार रहने के लिए कहा गया है। लेकिन सूचना दिए जाने तक मूव नहीं करने के निर्देश दिए गए है। वहां फंसे छात्रों को ट्रैफिक व करंसी की दिक्कत आ रही है। सड़क पर कोई वाहन नहीं है। यूक्रेन की करंसी का पैसा समाप्त हो गया है। बैंक, एटीएम से रकम नहीं निकल रही है। यूसी ठाकुर की पुत्री अदिति ठाकुर भी यूक्रेन में मेडीकल की छात्रा हैं। जो कि वहां से अभी नहीं निकल पा रही हैं। नगर की अनुविहार कालोनी निवासी विलय वार्ष्णेेय भी मेडिकल के छात्र हैं। जो कि इस समय यूक्रेन में अध्ययनरत हैं।
बंकरों में रहकर बिताई रात, परिजन चिंतित
गुलावठी। यूक्रेन में फंसे गुलावठी के छात्रों ने रात बंकरों में रहकर बिताई। मोहल्ला पीरखां निवासी छात्र ओसामा के पिता हाजी मोहम्मद आरिफ ने बताया कि सुबह उनकी व्हाट्स एप कॉल से ओसामा से बात हुई। फोन पर उसने बताया कि हॉस्टल के सभी छात्रों ने रात बंकरों में रहकर बिताई। दिन में वह हॉस्टल में आ गए। मोहम्मद फरहान के पिता सईद व जैद के के पिता इरफान ने बताया कि जैद व फरहान ने उन्हें फोन पर बताया है कि वह सुरक्षित हैं। मौहल्ला पीरखां निवासी एमबीबीएस के छात्र मोहम्मद हंजला के परिजन काफी चिंतित दिखाई दिए। हंजला के चाचा मोहम्मद रहीस ने बताया कि हंजला खारकीव शहर में फंसा हुआ है। हंजला ने उन्हें बताया कि उन्हें धमाकों की आवाजें आ रही हैं। सभी छात्र डरे व सहमे हुए हैं।
रूस में पढ़ रहे छात्रों के परिजन भी चिंतित
सिकंदराबाद। यूक्रेन-रूस के बीच छिड़े युद्ध को लेकर रूस में पढ़ रहे छात्रों के परिजन भी चिंतित नजर आ रहे हैं। अपनों की कुशलता के लिए वह फोन पर उनसे बराबर बात कर रहे हैं। क्षेत्र के गांव झाझर निवासी स्वराज सिंह सोलंकी ने बताया कि उनका पुत्र मनीष सोलंकी रूस में एमबीबीएस तृतीय वर्ष का छात्र है। धनौरा निवासी डॉ. प्रमोद नरवार ने बताया कि उनकी पुत्री साक्षी रूस में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा है। हिरनौटी निवासी तेजपाल सिंह भाटी ने बताया कि उनका पुत्र अनुराग भाटी रूस में एमबीबीएस तृतीय वर्ष का छात्र है गांव धनौरा निवासी मोनिका सिंह पुत्री नरेंद्र सिंह एमबीबीएस पांचवे साल की छात्रा है। परिजनों ने बताया कि उन्होंने सुबह ही अपने बच्चों से फोन व ऑनलाइन पर बात की, सभी कुशल है। बच्चों ने बताया कि रूस में उन्हें किसी प्रकार की समस्या नहीं है। वही यूनिवर्सिटी प्रशासन, प्रबंधन, सरकार ने भी उन्हें सुरक्षा का पूरा भरोसा दिलाया है।