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चुनाव में गईं रोडवेज बसें, यात्री झेल रहे मुसीबत

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चुनाव में गईं रोडवेज बसें, यात्री झेल रहे मुसीबत
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बुलंदशहर। सड़कों पर रोडवेज बसों के नहीं होने पर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुलंदशहर डिपो से 68 बसों का चुनाव के लिए अधिगृहीत किया जा चुका है। जो जिले में विधानसभा चुनाव संपन्न कराने के बाद अन्य जनपदों के लिए सुरक्षा कर्मियों को लेकर रवाना हो गईं। बसों के अब सात मार्च के बाद आने की उम्मीद है।
विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण में सात फरवरी से पहले बुलंदशहर डिपो की 56 बसों का अधिग्रहण किया गया था। प्रदेश में विधानसभा चुनाव का पहला चरण संपन्न हो गया है। सात मार्च को आखिरी चरण का मतदान होगा। जिले में मतदान संपन्न होने के बाद अन्य जनपदों में चुनाव के दौरान सुरक्षा बलों को लेकर 56 बसें रवाना हो गईं। शुक्रवार को डिपो से 12 और रोडवेज बसों को पुलिसकर्मियों के लिए अधिगृहीत किया गया। बुलंदशहर डिपो के बेड़े में 100 बसें हैं। इनमें 83 निगम की और 17 अनुबंधित बसें शामिल हैं। चुनाव के लिए भेजी गई अधिकतर बसें लंबे रूट के साथ दिल्ली, बदायूं और आगरा-अलीगढ़ रूट पर चलती है। वहीं, डिपो को बदायूं और दिल्ली रूट से ही सबसे ज्यादा आमदनी होती है। ऐसे में बसों की संख्या कम होने पर सबसे ज्यादा परेशानी दिल्ली-बदायूं रूट के यात्रियों को हो रही है।
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जगह-जगह लगा रहता है जमावड़ा
नगर के रोडवेज बस अड्डे समेत शिकारपुर बाईपास, भूड़ चौराहा, स्याना बस अड्डा, अनूपशहर बस अड्डा समेत अन्य स्थानों पर यात्रियों की भीड़ लगी रहती है। नगर के रोडवेज बस अड्डे समेत शुक्रवार को अन्य स्थानों पर यात्रियों की जमावड़ा लगा रहा। ऐसे में कुछ बसें आते ही फुल हो गईं। यात्री संजय अग्रवाल ने बताया कि गाजियाबाद जाने के लिए रोडवेज बस पर अड्डे पर आया। लेकिन काफी समय से कोई बस नहीं आई है। पूछने पर बताया कि बसें चुनाव में गई हैं।
डग्गामार वाहनों की चांदी, वसूल रहे अधिक किराया
उप्र परिवहन निगम की बसों की कमी का फायदा डग्गामार वाहन उठा रहे हैं। नगर के विभिन्न स्थानों पर सैकड़ों कार व डुप्लीकेट रोडवेज बसों के चालक सवारियां भरते नजर आ जाते हैं। हाल यह है कि पांच और सात सीटर वाले वाहनों में अधिक लोगों को बैठाकर सफर कराया जा रहा है। दूसरी और यात्रियों को स्टैंड से पूर्व ही उतार दिया जाता है।
चार से पांच बसें हैं खराब
बुलंदशहर डिपो में 100 बसों में से 68 बसें चुनाव में जाने पर शेष 32 बसों में से करीब पांच बसें खराब हैं। जो मरम्मत आदि कराने के लिए वर्कशॉप में खड़ी हैं। कुछ के पार्ट्स न आने तो कुछ के टायर आदि की समस्या बनी हुई है।
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कोट
बसों की कमी से शेष बसों को यात्रियों की राहत देने के लिए लगाया गया है। लंबे रूट की बसों का संचालन रोक छोटे रूट पर बसों को भेजा जा रहा है। - मोहम्मद हसन काजमी, डिपो प्रभारी बुलंदशहर डिपो
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