सदर भाजपा विधायक प्रदीप चौधरी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। विधायक के खिलाफ जारी एनबीडब्ल्यू को तामील कराने के लिए घर जाने पर पुलिस को ताला लगा मिला। शुक्रवार को नगर कोतवाल ने कोर्ट में पेश होकर फरारी की उद्घोषणा के लिए 82 का नोटिस जारी करने का आवेदन किया। जिस पर एमपी एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विनय कुमार सिंह की कोर्ट ने सदर भाजपा विधायक को फरारी का नोटिस जारी किया है।
अधिवक्ता वादी राकेश वर्मा ने बताया कि मुकदमा वादी वीरेंद्र सिंह के प्रोस्टेट पर एमपी एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विनय कुमार सिंह की कोर्ट ने भाजपा विधायक प्रदीप चौधरी को तलब करते हुए मुकद्दमा को राज्य के रूप में चलाने की अनुमति प्रदान की थी। मामला आठ फरवरी 2022 का है, जिसमें तत्कालीन प्रत्याशी व वर्तमान भाजपा विधायक प्रदीप चौधरी द्वारा भारत सरकार के निर्देशों के अंतर्गत कोविड-19 के प्रोटोकॉल और डीएम द्वारा घोषित धारा 144 व आचार संहिता के आदेशों का उल्लंघन किया गया था।
तत्कालीन भाजपा उम्मीदवार प्रदीप चौधरी द्वारा बिना अनुमति लिए जनसभा व रैली आयोजित की गई। जिस पर पुलिस द्वारा उनके विरुद्ध कोविड प्रोटोकॉल, धारा 144 और महामारी अधिनियम की धारा में मुकदमा पंजीकृत किया गया। विवेचना अधिकारी द्वारा ठीक प्रकार से साक्ष्य अंकित किए बिना मुकद्दमे में अंतिम रिपोर्ट लगाकर कोर्ट में पेश की गई थी। जिस पर अधिवक्ता वादी राकेश वर्मा द्वारा न्यायालय के समक्ष बहस कर वादी का पक्ष प्रस्तुत किया गया। जिसे सुनने के बाद न्यायाधीश ने विधायक प्रदीप चौधरी को तलब करते हुए मुकदमे को राज्य के रूप में चलाने की अनुमति प्रदान की थी।
पांच बार जमानती वारंट जारी होने के बाद भी हाजिर अदालत ना आने पर गैर जमानती वारंट जारी किया गया था। कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 23 अप्रैल नियत की है। साथ ही अब नगर कोतवाल ने कोर्ट में पेश होकर फरारी की उद्घोषणा के लिए 82 का नोटिस जारी करने का आवेदन किया। जिस पर एमपी एमएलए कोर्ट ने सदर भाजपा विधायक को फरारी का नोटिस जारी किया है। साथ ही कहा कि विधायक इस पर भी हाजिर नहीं होते हैं तो अग्रिम कारवाई कुर्की नोटिस जारी करने की अमल में लाई जाएगी। कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 23अप्रैल नियत की है।