नरौरा गंगा बैराज पर मानव चालित फाटकों को ऑटोमैटिक किए जाने की कवायद के दौरान बैलेंस बाक्स गिर गया। इससे फाटक के सपोर्ट में लगे एंगल टूट गए। गनीमत रही कि सपोर्टिंग एंगल टूटने के बाद भी पानी के दबाव से फाटक नहीं टूटा। अगर ऐसा होता तो डाउन स्ट्रीम में एकाएक जल स्तर बढ़ जाता और गांधीघाट पर स्नान कर रहे लोग बह जाते।
बेलैंस बाक्स को फाटक से हटाने के दौरान बैराज पर दो घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। हादसा नरौरा गंगा बैराज के गेट संख्या एक के फाटक के ऊपर लगे बैलेंस बाक्स को उतारे जाने के दौरान हुई। क्रेन के हाइड्रोलिक सिस्टम खराब होने से बेलैंस बॉक्स झटके से लोहे के फाटक की सपोर्ट में लगे लोहे की एंगलों पर गिरा।
कई एंगल टूट गए। इससे फाटक पर पानी का दबाव बढ़ गया। अगर फाटक टूटता तो उस दौरान गंगा की डाउन स्ट्रीम के गांधीघाट पर स्नान करने वाले दर्जनों लोगपानी में बह जाते। साथ ही गंगा की अप स्ट्रीम का पोंड लेवल भी गिर जाता। बेलैंस बाक्स को हटाने के लिए दो क्रेनें लगाईं गईं जिससे बैराज पर दो घंटे तक वाहन रुक-रुक कर चले।
जेई एनके शर्मा ने बताया कि क्रेन का हाइड्रोलिक सिस्टम फेल होने से हादसा हुआ। हालांकि इसमें अधिक क्षति नहीं हुई है। सिंचाई विभाग हेड वर्क्स के एसडीओ रामकिशन वर्मा ने बताया कि फाटक की सपोर्टिंग एंगल को ठीक किया जा रहा है।