अनूपशहर। ब्लॉक क्षेत्र के गांव बेगमपुर उर्फ जयरामपुर में फर्जी दस्तावेजों के सहारे मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के बड़े खेल का खुलासा हुआ है। जालसाजों ने ग्राम सचिव के फर्जी हस्ताक्षर और मुहर का उपयोग कर परिवार रजिस्टर की फर्जी नकल तैयार कर ली। ग्राम प्रधान की शिकायत पर एसएसपी के निर्देश पर पांच आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
ग्राम प्रधान गीता सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि अलीगढ़ निवासी ब्रह्मानंद, हरवीर सिंह, राजेंद्र कुमार प्रभाकर और जयरामपुर निवासी नरेंद्र व जगदीश ने मिलीभगत कर इस षड्यंत्र को अंजाम दिया। आरोपियों ने 30 दिसंबर 2025 की तिथि में परिवार रजिस्टर की एक फर्जी नकल तैयार की। जांच में सामने आया कि ग्राम पंचायत के मूल रिकॉर्ड में इन व्यक्तियों का कोई विवरण दर्ज नहीं है। ये सभी मूल रूप से अलीगढ़ के निवासी हैं, इनके आधार कार्ड अलीगढ़ के हैं और वहां की नगर निगम मतदाता सूची में इनके नाम पहले से दर्ज हैं। गांव में इनका न कोई मकान है और न ही कोई जमीन। आरोपियों द्वारा नकल पर ग्राम सचिव के फर्जी हस्ताक्षर और मुहर का प्रयोग किया गया है, जबकि संबंधित सचिव ने ऐसी किसी भी नकल को जारी करने से इनकार किया है। प्रधान का आरोप है कि जब उन्होंने इस फर्जीवाड़े की शिकायत उच्चाधिकारियों से की, तो आरोपी अब उन्हें और उनके परिवार को जान-माल की धमकी दे रहे हैं। प्रधान के परिवार में इस समय दहशत का माहौल है।
अलीगढ़ से आकर यहां नाम जुड़वाने का क्या था खेल, जांच में होगा खुलासा
इस पूरे प्रकरण में सबसे बड़ा सवाल आरोपियों की मंशा को लेकर है। ब्रह्मानंद, हरवीर सिंह और राजेंद्र कुमार जैसे आरोपी मूल रूप से अलीगढ़ के निवासी हैं। उनके आधार कार्ड भी वहीं के पते पर बने हैं। यहां तक कि उनका नाम अलीगढ़ नगर निगम की मतदाता सूची में भी दर्ज है। बेगमपुर उर्फ जयरामपुर गांव में न तो उनकी कोई जमीन है और न ही कोई पुश्तैनी मकान। इसके बावजूद फर्जी दस्तावेजों के जरिए यहां की वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने का क्यों प्रयास किया, यह जांच में ही खुलासा हो सकेगा।
- एसएसपी के आदेश पर मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। फर्जी दस्तावेज तैयार करने और धमकी देने के पहलुओं पर गहनता से जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। - विकास प्रताप चौहान, क्षेत्राधिकारी, अनूपशहर