सिकंदराबाद पालिका का सॉलिट वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट। संवाद
सिकंदराबाद। कूड़ा निस्तारण पर करोड़ खर्च के बाद भी कूड़ा निस्तारण की समस्या जस की तस बनी हुई है। चोला क्षेत्र के गांव रसूलपुर रिठौरी में 5.26 करोड़ की लागत से बनाया गया कूड़ा निस्तारण प्लांट निर्माण कार्य के पूरा होने के एक वर्ष बाद भी शुरू नहीं हो सका। प्लांट के शुरू नहीं होने पालिका के डंपिंग ग्राउंड में पहाड़ के सामान कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। डंपिंग ग्राउंड में कूड़े की व्यवस्था करने के लिए पालिका को अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है।
नगर पालिका के रिकार्ड के अनुसार नगर क्षेत्र से प्रतिदिन 50 टन कूड़ा निकलता है। नगर से निकलने वाले कूड़े को सिकंदराबाद ककोड़ मार्ग पर मेहताब नगर स्थित डंपिंग ग्राउंड में डाला जाता है। कूड़ा निस्तारण की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण डंपिंग ग्राउंड में कूड़े के पहाड़ के सामान ढेर लगे हुए हैं। वहीं डंपिंग ग्राउंड में जगह की भी समस्या होने लगी है।
बढ़ते कूड़े के ढेरों की समस्या के चलते पालिका ने शासन को कूड़ा निस्तारण प्लांट के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा था। स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत शासन ने प्रस्ताव को मंजूर करते हुए पालिका क्षेत्र में 50 टीपीडी क्षमता के सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट के लिए 5.26 करोड़ की राशि को स्वीकृत किया था।
जिसके बाद कार्यदायी संस्था ने चोला क्षेत्र के गांव रसूलपुर रिठौरी में 17 बीघा भूमि पर सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट का निर्माण किया गया। प्लांट का निर्माण कार्य पूरा होने पर एक वर्ष पूर्व कार्यदायी संस्था ने कूड़ा निस्तारण प्लांट को पालिका के हेंडओवर कर दिया था। मगर एक वर्ष में भी पालिका का कूड़ा निस्तारण प्लांट शुरू नहीं हो सका है। प्लांट के शुरू नहीं होने से पालिका के डंपिंग ग्राउंड में कूड़े की समस्या जस की तस बनी हुई है। वही डंपिंग ग्राउंड में कूड़ा की व्यवस्था करने के लिए पालिका को अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है।
-
कोट
प्लांट के संचालन के लिए निजी कंपनी के साथ अनुबंध किया गया है। प्लांट को संचालित करने के लिए उक्त कंपनी को नोटिस भेजा गया है। - शिवराज, ईओ नगर पालिका सिकंदराबाद