नहीं चली एंबुलेंस... बुग्गी, ऑटो और बाइक से आए मरीज
बुलंदशहर। सरकारी एंबुलेंस की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। मंगलवार को चालकों के हड़ताल समाप्ति के आश्वासन के बाद भी बुधवार को वह काम पर नहीं लौटे। प्रसूताओं को ऑटो और ई-रिक्शा/ का सहारा लेना पड़ा। एंबुलेंस नहीं मिलने पर मरीज बुग्गी, बाइक और ऑटो से पहुंचे। दोपहर बाद एसीएमओ ने एंबुलेंसकर्मियों के संघ से संचालन करवाने का निर्देश दिया है।
जिले में 85 सरकारी एंबुलेंस संचालित होती हैं। इसमें गर्भवती प्रसूताओं के लिए 102 सेवा की 40, दुर्घटना में घायलों या गंभीर रोगियों को लेकर आने-जाने के लिए 108 सेवा की 41 और एडवांस लाइफ सपोर्ट की चार एंबुलेंस संचालित हैं। कर्मचारी समायोजन, स्थायी नियुक्ति, ठेका प्रथा बंद करने और कोरोना योद्धा घोषित करने समेत पांच सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मचारी संघ ने आठ एंबुलेंस को छोड़ अन्य सभी की सेवा ठप कर हड़ताल शुरू कर दी थी। मंगलवार को स्वास्थ्य अफसर और जिला प्रशासन द्वारा एंबुलेंस संचालकों को समझाया गया और सेवा बहाल की बात कही। इस पर एंबुलेंस संचालक राजी भी हो गए, लेकिन बुधवार दोपहर 12 बजे तक एक भी एंबुलेंस का संचालन शुरू नहीं हो सका। एंबुलेंस सेवा ठप होने से शहर से लेकर देहात के मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
एंबुलेंस न मिलने पर बुग्गी पर लाए मरीज
अगौता ब्लॉक क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला शशि पिछले कई दिनों ने गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं। बुधवार को स्वास्थ्य अधिक खराब होने पर परिजनों ने 108 सेवा का लाभ लेना चाहा। लेकिन हड़ताल के चलते सरकारी एंबुलेंस का लाभ नहीं मिल सका। मजबूरन परिजन बुग्गी पर चारपाई बिछाकर महिला को अस्पताल ले गए।
नहीं हुआ संचालन तो होगी एफआईआर
एंबुलेंस पर तैनात कर्मियों को संचालन करने के लिए राजी कर लिया है। सर्वप्रथम 108 सेवा और शाम को 102 सेवा बहाल कर दी गई है। यदि बृहस्पतिवार को किसी एंबुलेंस का संचालन नहीं होता है तो संबंधित एंबुलेंस पर तैनात कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाकर कार्रवाई की जाएगी।
- अंशु गोयल, एंबुलेंस सेवा प्रभारी
कर्मियों को दिए गए हैं निर्देश
एंबुलेंस सेवा संघ के पदाधिकारियों की बातों को सुना है। समाधान का प्रयास होने तक संचालन न रोकने के निर्देश दिए हैं। जिले में एंबुलेंस के अभाव में कोई अप्रिय घटना न हो इसके लिए संचालन करवाने को कहा गया है।
- डॉ. रोहताश यादव, एसीएमओ
मौसम में बदलाव से बढ़ी मरीजों की संख्या
बुलंदशहर। मौसम लगातार अपनी रंगत बदल रहा है। इससे मानव जीवन पर भी प्रभाव पड़ रहा है। साथ ही मौसमी बीमारियां लोगों को अपनी चपेट में लेने लगी है। घर-घर लोग वायरल बुखार, उल्टी-दस्त, सिरदर्द और डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। वहीं, लोगों में टाइफाइड की भी पुष्टि हो रही है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजीव प्रसाद ने बताया कि बुधवार को 677 लोगों ने पंजीकरण करा प्राथमिक उपचार की सुविधा ली। 13 मरीजों को गंभीर स्थिति होने पर भर्ती किया गया। बताया कि मौसम के अनुसार लोगों का रहन-सहन हो तो बीमारियों से बच सकते हैं। घर के आसपास पानी का जलभराव न होने दे और साफ-सफाई का विशेष ध्यान दें।