धक्का लगाने पर भी नहीं स्टार्ट हुई एंबुलेंस, फूली मरीज की सांस
बुलंदशहर। नगर के कांशीराम आवास निवासी 62 वर्षीय सुल्तान अख्तर को सांस लेने में परेशानी होने पर परिवार के सदस्य शनिवार को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने गंभीर हालत बताते हुए उन्हें हायर मेडिकल सेंटर दिल्ली रेफर कर दिया। मरीज के भाई अनवार ने दोपहर 12:48 बजे एंबुलेंस के लिए 108 नंबर पर कॉल किया। पांच मिनट बाद एंबुलेंस कर्मी ने कॉल कर मरीज को इमरजेंसी से बाहर बुला लिया। पांच मिनट बाद चालक एंबुलेंस लेकर मौके पर पहुंचा। यहां एंबुलेंस बंद हो गई। एक रिक्शा की बैटरी लगवाकर भी एंबुलेंस स्टार्ट करने का प्रयास किया गया, धक्का लगाया गया लेकिन एक घंटे तक एंबुलेंस नहीं चली। जिसके चलते भीषण गर्मी में मरीज की सांस फूलने लगी।
अनवार ने बताया कि चालक से दूसरी एंबुलेंस बुलवाने के लिए कहा गया तो उसने आईडी जनरेट होने की बात कहते हुए मना कर दिया। बाद में एंबुलेंस सेवा के अधिकारी के आने पर एक घंटे बाद दूसरी एंबुलेंस मंगाकर भाई को दिल्ली ले जाया गया। अनवार का कहना कि अगर एंबुलेंस की ऐसी स्थिति होगी तो मरीजों को समय पर इलाज कैसे मुहैया होगा।
ढंग से नहीं किया जाता मेंटेनेंस
जिले में इमरजेंसी सेवाओं के लिए 88 एंबुलेंस संचालित है। इनमें 102 सेवा की 41, 108 सेवा की 40, एएलएस यानी एडवांस लाइफ सपोर्ट सिस्टम की चार और तीन शव वाहन हैं। जिनके लिए 108 नंबर डायल करते ही यह तत्काल मौके पर पहुंच जाती है और प्राथमिक उपचार करने के साथ मरीज को अस्पताल तक सुरक्षित पहुंचा देती है। पुरानी हो चुकी एंबुलेंस का मेंटनेंस भी ढंग से नहीं किया जाता। ऐसे में अधिकांश एंबुलेंस सेवाएं देने में कई बार असमर्थ हो जाती हैं। ऐसे में मरीजों की जान तक संकट में पड़ सकती है।
फोटो-वीडियो बनाने पर लोगों को धमकाया
जिला अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर जब एंबुलेंस स्टार्ट नहीं हुई तो लोगों ने धक्का लगाकर स्टार्ट करने का प्रयास किया गया। इस दौरान कुछ लोग फोटो-वीडियो बनाने लगे। इस दौरान एंबुलेंस ईएमटी लोगों को धमकाते हुए नजर आया।
एंबुलेंस के खराब होनेेेे की जानकारी नहीं है। मामले की जांच कराई जाएगी। मशीनरी है, कभी भी खराब हो सकती है। अगर संबंधित एंबुलेंस में समस्या काफी समय से बनी हुई है तो जिम्मेदार पर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ