एक कार्यक्रम से जिला अस्पताल लौटे सीएमओ को दफ्तर में घुसना भारी हो गया। धरने पर बैठी आशा कार्यकत्रियों ने सीएमओ को गाड़ी में करीब आधा घंटे तक बंधक बनाए रखा। जैसे-तैसे गाड़ी से उतरे सीएमओ को धूप में एक घंटा खड़े किए रखा। बाद में सभी अस्पताल प्रभारियों और यूनियन पदाधिकारियों के बीच वार्ता के समझौते के आश्वासन पर मामला शांत हुआ।
दूसरी ओर बीबीनगर में भी आशाओं ने सीएचसी और पीएचसी केंद्र पर स्वास्थ्य अफसरों के खिलाफ प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश आशा कार्यकत्री संघ और माकपा के बैनर तले सैकड़ों आशाओं ने जिला अस्पताल स्थित सीएमओ दफ्तर के बाहर धरना दिया। दोपहर करीब 12.30 बजे एक कार्यक्रम से जैसे ही सीएमओ जिला अस्पताल लौटे तो उन्हें आशाओं के भारी विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा।
आशाओं ने सीएमओ की गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया। सीएमओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। करीब आधा घंटे बाद जैसे-तैसे सीएमओ गाड़ी से उतर सके। इसके बाद सीएमओ को धूप में खड़े रखा। माकपा सचिव सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि जिलेभर की आशाओं को पिछले साल का बकाया भुगतान नहीं दिया गया है। इस साल का भी अप्रैल से लेकर अब तक का भुगतान नहीं किया गया।
जिलाध्यक्ष तरुणा ने कहा कि बकाया भुगतान को लेकर अस्पताल प्रभारी 30 फीसदी कमीशन की मांग करते हैं। उन्होंने कहा कि आशाओं का जबरदस्त शोषण किया जा रहा है। करीब घंटे भर तक आशाओं और सीएमओ के बीच तकरार चलती रही। इसके बाद सीएमओ ने आश्वासन दिया कि वह सभी प्रभारियों और यूनियन पदाधिकारियों के बीच वार्ता कराएंगे और जल्द से जल्द बकाया भुगतान कराएंगे।
इस पर आशाओं का आक्रोश शांत हुआ। विरोध करने वालों में कुसुम, ममता, प्रीती देवी, रुबीना, लवीना, सुषमा, सीमा आदि रहे। बीबीनगर में शीला, सुनीता, मिथिलेश, तरुणा सिंह, कुसुम शर्मा मौजूद रहीं। सीएमओ डॉ. दीपक ओहरी का कहना है कि सभी प्रभारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा कि मानदेय का भुगतान में देरी क्यों की जा रही है। जल्द से जल्द सभी आशाओं का बकाया भुगतान किया जाएगा।