अजय के दो हत्यारोपियों का होगा लाई डिटेक्टर टेस्ट, भेजे गए दिल्ली
बुलंदशहर। शिकारपुर निवासी अजय शर्मा के अपहरण और हत्या मामले में अभी पूरी तरह से पर्दा उठ नहीं पाया है, हालांकि पकड़े गए आरोपियों ने हत्या कर शव काली नदी में फेंकने की बात बताई है, लेकिन तीन दिन लगातार सर्च ऑपरेशन चलाए जाने के बाद भी शव नहीं मिलने पर पुलिस को उक्त शातिर अपराधियों की थ्योरी पर संदेह होने लगा है। हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने आरोपियों का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने का निर्णय लिया। शनिवार को पुलिस दो आरोपियों का टेस्ट कराने के लिए दिल्ली रवाना हो गई।
गत 29 नवंबर को शिकारपुर की नई बस्ती शिवलोक कॉलोनी निवासी प्रमोद शर्मा के पुत्र अजय शर्मा को उसके कुछ दोस्त शादी की पार्टी के नाम पर अपने साथ बुलाकर ले गए थे। एसएसपी की फटकार के बाद एक दिसंबर को शिकारपुर पुलिस ने सात नामजद आरोपियाें के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कुछ आरोपियों को हिरासत में ले लिया था, जिन्होंने पूछताछ में बताया था कि अजय को शादी की पार्टी के नाम पर बुलाकर शराब पीने के दौरान हुए विवाद के चलते उसकी हत्या कर शव को काली नदी में फेंक दिया है। पुलिस ने आरोपियाें की निशानदेही पर शव की तलाश की, लेकिन अभी तक बरामद नहीं हो सका है। यही कारण है कि पुलिस मामले का राजफाश करने में कतरा रही है। आरोपियों से की गई पूछताछ में आरोपी सच बोल रहे हैं या झूठ, इसे जानने के लिए दो आरोपियों को लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए शनिवार को दिल्ली भेजा गया है। पुलिस अधिकारियों को उम्मीद है कि लाई डिटेक्टर टेस्ट से असलियत सामने आ सकेगी।
शव को जलीय जीवों का निवाला बनाए जाने का संदेह
29 मई 2021 को बीबीनगर थाना क्षेत्र के गांव बहांपुर निवासी मोहित का दबंगों ने अपहरण कर लिया था। पुलिस करीब चार दिनाें तक आरोपियाें और मोहित को तलाशती रही। लेकिन, कोई सुराग नहीं लगा। चार दिन बाद पुलिस ने कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया। उन्होंने पूछताछ में बताया कि 29 मई को ही उन्हाेंने मोहित की गोली मारकर हत्या कर शव को ब्रजघाट स्थित गंगा में फेंक दिया था। पुलिस ने करीब दस दिनों तक शव की ब्रजघाट से लेकर नरौरा तक तलाश की। लेकिन, सुराग नहीं लग सका। पुलिस ने आशंका जताई थी कि शव को जलीय जीवों ने अपना निवाला बना लिया है।
ड्रोन की भी ली जा रही मदद
अजय की तलाश के लिए पुलिस ने आंचरू कलां से कई किलोमीटर आगे तक काली नदी को छान मारा है। लेकिन, तलाश पूरी नहीं हो सकी है। वहीं, अब पुलिस ने शनिवार को ड्रोन की मदद भी ली। लेकिन, सफलता अभी भी हाथ नहीं लगी है, जिससे ग्रामीणों व परिजनों में भी रोष व्याप्त है।
लाई डिटेक्टर टेस्ट से स्पष्ट होगा मामला
तीसरे दिन भी काली नदी में सर्च अभियान चलाया गया है। इस दौरान ड्रोन की भी मदद ली गई है, शव न मिलने तक कुछ भी कह पाना उचित नहीं है। हालांकि, दो आरोपियों का लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए भेजा गया है, पूछताछ के दौरान उनके द्वारा बताए गए तथ्य से मामला स्पष्ट हो जाएगा।
- संतोष कुमार सिंह, एसएसपी