बुलंदशहर। औरंगाबाद थाना क्षेत्र के पिपाला में 37 वर्ष पूर्व सितंबर 1988 को एक घर में घुसकर महिलाओं के साथ लूटपाट करने वाले दो आरोपियों को अब अपर सिविल जज प्रवर खंड, एसीजेएम प्रथम अंकुर चौधरी के न्यायालय ने दोषी करार दिया है। दोनों अभियुक्तों को न्यायालय ने तीन-तीन वर्ष का कारावास व पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है।
वादी मुकदमा गांव पिपाला निवासी विनोद कुमार शर्मा ने 16 सितंबर 1988 को औरंगाबाद थाने पर तहरीर दी। जिसमें उन्होंने बताया कि 16 सितंबर की रात को वह अपने घर पर ही सो रहे थे। उनकी बहन विजय कुमारी और छोटे भाई की पत्नी सुधा घर के बरामदे में सो रही थीं। जबकि, अन्य परिजन घर के आंगन में सो रहे थे। छत पर छोटा भाई मुकेश सो रहा था। सुबह करीब चार बजे घर की दीवार फांदकर आरोपी सुभाष शर्मा निवासी गांव पिपाला अपने एक अन्य साथी के साथ अंदर घुस आया। साथ ही आरोपियों ने बरामदे में सो रहीं सुधा और विजय कुमारी के कानों से कुंडल लूट लिए। कान से कुंडल खींचते समय विजय कुमारी का कान भी कट गया। शोर होने पर अन्य परिजन व ग्रामीण भी जाग गए। लोगों को अपनी ओर आता हुआ देख आरोपी दीवार कूदकर भागने की कोशिश करने लगे। लेकिन, परिजनों व अन्य ग्रामीणों ने एक आरोपी सुभाष को पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। जबकि, दूसरा आरोपी भाग निकला।
सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। साथ ही नामजद आरोपी सुभाष व उसके एक अन्य साथी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। पुलिस की जांच में दूसरे आरोपी की शिनाख्त हरप्रसाद निवासी गांव तोमड़ी थाना औरंगाबाद के रूप में हुई। बाद में पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। साथ ही पुलिस ने मामले की जांच पूरी कर दोनों नामजद आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर न्यायालय में प्रेषित कर दी। जिस पर न्यायालय ने सुनवाई की और अब दोनों अभियुक्तों को दोषी मानते हुए तीन-तीन वर्ष का कारावास व पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है।