सड़क पर तड़प रहे परिवार को बचाने के लिए एमबीए छात्र ने छोड़ी परीक्षा
सिकंदराबाद एमबीए के छात्र अनुज चौधरी ने बुधवार को सड़क पर तड़प रहे परिवार को बचाने के लिए अपना अर्थशास्त्र का पेपर छोड़ दिया। वह सुबह बाइक से परीक्षा देने दादरी स्थित वीजीआई कॉलेज जा रहा था। 11 बजे पेपर था। खुर्जा रोड पर सुबह करीब 10:15 बजे नूर मोहम्मद, उनकी पत्नी पत्नी फरजाना (30) और दो बच्चे हादसे का शिकार हो गए थे। उनकी हालत देख अनुज ने ई-रिक्शा की मदद से परिवार को अस्पताल पहुंचाया। वहां फरजाना की मौत हो गई।
मैना मौजपुर निवासी नूर मोहम्मद ने बताया कि पत्नी फरजाना का दिल्ली में इलाज चल रहा था। उसकी ससुराल भी दिल्ली में है। बुधवार को वह इलाज कराने के लिए फरजाना, बेटी आरिबा (8), बेटे आयान (6) के साथ दिल्ली जा रहा था। सिकंदराबाद क्षेत्र में खुर्जा रोड पर ग्रीन गार्डन के पास पीछे से आ रहा एक वाहन उन्हें टक्कर मारकर भाग गया। हादसे के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। लोग वीडियो बना रहे थे। इसी दौरान गांव प्रानगढ़ निवासी अनुज चौधरी पुत्र संदीप चौधरी वहां पहुंचा। अनुज ने वीडियो बना रहे लोगों को हटाकर मदद के लिए वहां से गुजर रहे वाहनों रोकना शुरू किया। एक ई-रिक्शा की मदद से चारों को सिकंदराबाद के सरकारी अस्पताल में लेकर पहुंचा। वहां चिकित्सकों ने फरजाना को मृत घोषित कर दिया। नूर मोहम्मद और दोनों बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
पेपर से ज्यादा जरूरी था जिंदगी बचाना
घायलों को अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया में करीब 45 मिनट लग गए। सिकंदराबाद में ही अनुज को 11 बज गए। इसके चलते पेपर के निर्धारित समय सुबह 11 बजे वह दादरी नहीं पहुंच सकता था। अनुज ने बताया कि पेपर तो आगे भी दे सकते हैं, लेकिन किसी की जिंदगी बचाना बड़ी बात है। अनुज ने कहा कि एक ही अफसोस है कि वह महिला की जान नहीं बचा पाया।
फरिश्ता बनकर आए अनुज
पीड़ित नूर मोहम्मद ने बताया कि सड़क दुर्घटना के बाद जमीन पर 10 मिनट से ज्यादा समय तक पड़े रहे। वहां से लोग गुजरते रहे, लेकिन किसी ने उठाने की कोशिश नहीं की। बाद में जो लोग आए, उन्होंने फोटो खींचना और वीडियो बनाना शुरू कर दिया। तभी अनुज आए। वह हमारे लिए किसी फरिश्ते से कम नहीं हैं।
हर तरफ हो रही तारीफ, डीएम करेंगे सम्मानित
इंसानियत की मिसाल पेश करने वाले अनुज की हर तरफ तारीफ हो रही है। वीजीआई कालेज के डायरेक्टर वीआर मिश्रा ने कहा कि अनुज ने सराहनीय कार्य किया है। वह बैक पेपर के माध्यम से संबंधित विषय की दोबारा परीक्षा दे सकता है। जिलाधिकारी सीपी सिंह ने भी कहा कि छात्र अनुज के जज्बे को सलाम है। इस कार्य के लिए जिला प्रशासन उसे सम्मानित करेगा।