अवैध खनन करना माफिया पर अब भारी पड़ने वाला है। प्रशासन की ओर से खनन माफिया पर कम से कम पांच लाख रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। अभी तक अधिकतम 25 हजार रुपये ही जुर्माना लगाया जा रहा था। डीएम ने खनन संबंधी फाइलों को खुद देखना शुरू कर दिया है।
जनपद में बालू और मिट्टी का अवैध खनन धड़ल्ले से किया जा रहा है। खुर्जा, सिकंदराबाद, स्याना और गुलावठी में खनन का खेल आम हो चुका है। इस खेल में सत्ताधारी दल के नेताओं पर भी पर अंगुली उठती रही है। बंदिशों के बाद भी कुल मिलाकर जनपद में अवैध खनन का खेल जारी है।
बता दें कि अब तक अवैध खनन करने वालों पर प्रति वाहन 25 हजार रुपये जुर्माना और रायल्टी वसूली जाती थी। अब ऐसा नहीं होगा। खनन माफियाओं पर कम से कम पांच लाख रुपये जुर्माना ठोका जाएगा। रायल्टी और पेनल्टी की अलग से वसूली होगी।