गंगा स्नान कर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी डग्गामार बस रामघाट मोड़ के पास सड़क पर बने गड्ढे में गिरकर पलट गई। हादसे में बस के नीचे दबने से हेल्पर की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दो दर्जन से अधिक श्रद्धालु घायल हो गए। कई घायलों को अलीगढ़ रेफर किया गया है जबकि एक दर्जन घायलों का नरौरा परमाणु केंद्र चिकित्सालय में इलाज चल रहा है।
वहीं, 10 घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। बता दें कि ज्येष्ठ पूर्णिमा पर नरौरा में गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं को लेकर अलीगढ़ जा रही डग्गामार बस रामघाट के पास बारिश के दौरान सड़क पर बने गड्ढे में गिरकर पलट गई।
बस पलटते ही सवार श्रद्धालुओं में चीख-पुकार मच गई। तेज बारिश के बीच एक राहगीर ने 100 नंबर पर पुलिस एवं एंबुलेंस को हादसे की सूचना दी। इसके बाद एक एंबुलेंस से घायलों को अतरौली और दूसरी एंबुलेंस से घायलों को नरौरा के एनएपीएस चिकित्सालय में भिजवाया गया। बस के नीचे दबे परिचालक को निकालने का प्रयास किया गया लेकिन सफलता नहीं मिली।
बाद में एनएपीएस की हैवी क्रेन से बस को उठवाया गया लेकिन तब तक बस के हेल्पर की मौत हो गई थी। शव की पहचान नूरूद्दीन (40) निवासी मोहल्ला बरूआ नगला कस्बा अतरौली के रूप में हुई है। चालक व परिचालक का कुछ पता नहीं चल पाया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों घायल हैं या भाग गए हैं।
अतरौली सीएचसी में इन्हें कराया गया भर्ती
अतरौली सीएचसी में भर्ती कराए गए घायलों में तेजपाल, करन, अर्जुन निवासी नौरंगाबाद छावनी अलीगढ़, डॉ. शीला शर्मा, रानी निवासी अतरौली, कुंदन लाल, मुनेश व गुड़िया निवासी नदरऊआ गोवर्धनपुर गांव थाना पाली मुकीमपुर शामिल हैं, जबकि उपचार के बाद अतरौली सीएचसी से राहुल, खुशी, आशु, प्रिया व रवींद्र को छुट्टी दे दी गई।
एनएपीएस में भर्ती हुए यह घायल
नरौरा के एनएपीएस चिकित्सालय में लाए गए घायलों में गायत्री देवी (60), दीपक (11), कृष्णा देवी (45) निवासी गांव छबीलपुर, ओमवती (58) भवीगढ़, पूजा (17) व शकुंतला (45) हमीरपुर, मोहनी (40) निवासी समस्तपुर, सुशीला (60) निवासी अतरौली, कप्तान सिंह (55) व राजबाला (51) निवासी हरदुआगंज जनपद अलीगढ़ एवं अशोक (20) निवासी गांव जखैरा नगला थाना रामघाट शामिल हैं। इन्हें अलीगढ़ रेफर किया है जबकि मिथलेश व इंद्रवती को छुट्टी दे दी गई।
गड्ढा बना हादसे का कारण
सोमवार को दिन में हो रही तेज बारिश के चलते रामघाट मोड़ के पास सड़क में बने गहरे गड्ढों में पानी भर गया था। इसके चलते चालक को गड्ढे का पता नहीं चला। तेज रफ्तार बस गड्ढे में गिरकर अनियंत्रित होकर पलट ग्रई।
एनएपीएस प्रशासन ने तुरंत मुहैया कराई मदद
नरौरा परमाणु संयंत्र प्रशासन ने हादसे के बाद बाद राहत कार्य में पूरी तत्परता दिखाई। तेज बारिश में भी वरिष्ठ अधिकारी मनोज राठी, प्रमोद कुमार, पुनीत कुमार व कैलाश वर्मा, सेफ्टी अनुभाग की टीम, फायर बिग्रेड एवं हैवी क्रेन सर्विस के साथ मौके पर पहुंचे। नेप्स के लॉ आफिसर कैलाश वर्मा ने बताया कि रामघाट थाना पुलिस की सूचना पर पर तत्काल मदद मुहैया कराई गई है।