सिकंदराबाद। खत्रीबाड़ा स्थित एक मकान में पटाखे से दो सिलेंडरों में आग लगने से अफरातफरी मच गई। परिवार ने किसी तरह एक सिलेंडर की आग पर काबू पाया, तभी दूसरे सिलेंडर में आग भड़क उठी। लोगों ने उसे उठाकर बाहर नाले में फेंक दिया। इससे बड़ा हादसा होने से टल गया। साथ ही कुतुबपुर बस ब्लास्ट की घटना याद आ गई। बता दें कि 22 सितंबर को शिकारपुर के पास गांव कुतुबपुर में एक बस में पांच किलो के एलपीजी सिलेंडर के फटने से करीब 90 लोग झुलसे थे। इनमें से 42 की मौत हो चुकी है। खत्रीबाड़ा स्थित देवी मंदिर निवासी एक व्यक्ति के घर में शुक्रवार देर रात भरा हुआ सिलेंडर रखा था आैर आंगन में बच्चे पटाखे फोड़ रहे थे। सिलेंडर लीकेज के कारण पटाखे की चिंगारी से उसमें आग लग गई। घर के लोगों ने देखा तो अफरातफरी मच गई। शोरशराबा सुनकर आसपास के लोग पहुंच गए। लोगों ने एक सिलेंडर में लगी आग को तो किसी तरह बुझा दिया, तभी दूसरे सिलेंडर में आग भड़क उठी। लोगों ने किसी तरह लोगों ने सिलेंडर को बाहर नाले में फेंक दिया। घर के लोग इस संबंध में कुछ भी बताने के तैयार नहीं थे। मोहल्ले के दिनेश ने बताया कि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया गया होता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
रेडीमेड कपड़े की दुकान में लगी आग
सिकंदराबाद। चौधरीबाड़ा स्थित रेडीमेड कपड़ा समेत दो दुकानों में सोमवार देर रात भीषण आग लग गई। लोगोें ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी, लेकिन दमकल गाड़ी आने से पहले लोगों ने आग पर काबू पा लिया। रेडीमेट कपड़े की दुकान अभी दो दिन पहले ही खुली थी। चौधरीबाड़ा निवासी अनुज जैन की शादी के कार्ड, मोबाइल रीचार्ज की दुकान है। दो दिन पूर्व बराबर में ही उनके बेटे आयुष ने रेडीमेड कपड़ों की दुकान खोली थी। सोमवार रात करीब 10 बजे दुकान बंदकर सब लोग सोने चले गए। रात करीब 12 बजे दुकान से धुआं निकलते किसी ने देखा तो शोर मचाया। दुकान खोली तो आग लगी हुई थी। लोगों ने किसी तरह पानी, रेत आदि डालकर बुझाने का प्रयास किया। करीब आधे घंटे बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची। तब तक आग पर लोगों ने काबू पा लिया था।