बुलंदशहर। चंडीगढ़ कोर्ट में पेशी से बुलंदशहर जेल लौटते समय मेरठ का हिस्ट्रीशीटर बदमाश संगम एक्सप्रेस से तीन सिपाहियों को धक्का देकर हथकड़ी समेत भाग गया। सिपाहियों ने ट्रेन रुकवाकर कैदी को ढूंढने की कोशिश की, लेकिन उसका पता नहीं लगा। इस लापरवाही पर तीनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है। आरआई ने सिपाहियों और कैदी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
मेरठ के थाना दौराला के गांव सकौती निवासी नितिन उर्फ राहुल पुत्र राजकुमार हिस्ट्रीशटर है। नितिन के खिलाफ मेरठ, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश आदि स्थानों पर लूट, चोरी, हत्या की कोशिश आदि के डेढ़ दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। वह यहां बुलंदशहर जेल में बंद था। नितिन को 2010 में मेरठ जेल से यहां ट्रांसफर किया गया था। बृहस्पतिवार को तीन सिपाही कालूराम, आदेश कुमार और पप्पन बुलंदशहर जेल से नितिन को चंडीगढ़ कोर्ट में पेशी पर लेकर गए थे। उसके खिलाफ वहां भी एक मुकदमा चल रहा है। बृहस्पतिवार रात लगभग साढ़े सात बजे तीनों सिपाही कैदी नितिन को संगम एक्सप्रेस से लेकर बुलंदशहर लौट रहे थे। पुलिस के मुताबिक बुलंदशहर-हापुड़ के बीच नितिन तीनों सिपाहियों को धक्का देकर हथकड़ी समेत ट्रेन से कूद भागा। सिपाहियों ने चेन खींचकर ट्रेन रुकवाई और नितिन को आसपास के खेतों में तलाश किया, लेकिन उसका पता नहीं चला। जीआरपी ने भी खेतों में कांबिंग की, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली। आरआई सुरेंद्र कुमार यादव ने शुक्रवार को नगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। कप्तान गुलाब सिंह ने बताया कि लापरवाही बरतने पर सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है।
दो साल पहले आया था बुलंदशहर जेल ः दो वर्ष पहले मेरठ जेल से सुरंग बनाकर कुछ कैदी भागने में कामयाब हो गए थे। घटना के बाद शातिर अपराधियों को मेरठ जेल से स्थानांतरित कर दिया गया था।
तीनों सिपाही बंदी
बुलंदशहर। पुलिस ने शातिर नितिन उर्फ गौरव से चकमा खाने वाले तीनों सिपाहियों को गिरफ्तार कर लिया है। कोतवाल जितेंद्र कालरा ने बताया कि तीनों सिपाहियों की गिरफ्तारी की गई है। हालांकि सात वर्ष से कम सजा के अपराध में नामजद होने के कारण उन्हें जेल नहीं भेजा जाएगा, तीनों की जमानत ले ली जाएगी।
डेढ़ माह में चौथी बार हुई चूक
कैदियों की सुरक्षा में पुलिस ने डेढ़ माह के भीतर चौथी बार चूक की है। सबसे पहले विकास भवन स्थित कोर्ट ले जाने के दौरान शातिर जयकुमार पर हमला हुआ था। हालांकि पुलिस ने जयकुमार पर ही साजिश रचने का आरोप लगाया था। एसीजेएम कोर्ट से सजा सुनते ही किशोरी के अपहरण और बलात्कार का आरोपी कोर्ट मोहर्रिर को धक्का देकर भाग गया था। बाद में आरोपी ने सरेंडर कर दिया था। इसके बाद अहमदगढ़ थाना पुलिस को चकमा देकर अपहरण और गैंगरेप का आरोपी फरार हो गया।
रात भर सीमा विवाद में उलझा रहा मामला
मामला रात भर बुलंदशहर-हापुड़ पुलिस के सीमा विवाद में उलझा रहा। हापुड़ पुलिस का कहना था कि मौका ए वारदात बुलंदशहर में आता है और बुलंदशहर पुलिस का तर्क था कि हापुुुड़ जीआरपी लगती है और उसी जिले का हिस्सा घटनास्थल है। शुक्रवार सुबह कप्तान का आदेश मिलने पर कोतवाली नगर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।