संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर/सिकंदराबाद। सीओ साहब.. मारपीट के मामले में आरोपियों पर कार्रवाई के लिए 18 दिन से थाने का चक्कर काट रहा हूं लेकिन, पुलिस सुनवाई नहीं कर रही है। यह शिकायत सिकंदराबाद के गांव मंडावरा निवासी पीड़ित ने थाना समाधान दिवस में सीओ से की। सीओ ने पुलिस को निर्देश दिए कि आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाए। शनिवार को आयोजित थाना समाधान दिवस में जिले के थानों में कुल 48 शिकायतें आईं, जिनमें से मौके पर 32 शिकायतों का ही निस्तारण हो सका।
शनिवार को जिले के सभी थानों में थाना समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान सिकंदराबाद के गांव मंडावरा निवासी बिजेंद्र सिंह ने बताया कि नौ अक्तूबर को गांव के ही एक युवक ने उनके साथ मारपीट की थी। उन्हें काफी चोटें आई थीं, जिसके चलते उन्होंने पुलिस को शिकायत दी लेकिन, 18 दिन से चक्कर लगाने के बाद भी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। सीओ ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि रिपोर्ट दर्ज की जाए। मोहल्ला कायस्थवाड़ा निवासी राकेश सैनी ने बताया कि सात अक्तूबर को कार सवार युवकों ने उन्हें खेत से अगवा कर लिया था। आरोपियों ने उसके साथ मारपीट करने के बाद नोएडा में परीचौक पर छोड़ दिया था। आरोपियों के खिलाफ नामजद शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। सीओ ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। चोला थाने में गांव जाहिदपुर की प्रधान सोनिया ने शिकायत देकर बताया कि गांव से होकर गुजर रहे रजवाहे का पुल टूटा होने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है, जिसके चलते पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि लोगों को परेशानी न हो। कोतवाली देहात में एक गांव निवासी महिला ने शिकायत दी कि पड़ोस में रहने वाला आरोपी आए दिन उनके बाहर खड़ा होकर अश्लील हरकतें करता है। जब इसका विरोध किया जाता है तो आरोपी द्वारा गाली गलौंच की जाती है। पीड़िता की शिकायत पर थाना प्रभारी ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई के लिए चौकी प्रभारी को निर्देश दिए हैं। नगर कोतवाली के एक मोहल्ला निवासी पीड़िता ने बताया कि उनकी शादी के बाद से ससुरालीजन दहेज के लिए परेशान कर रहे हैं। बार-बार उन्हें देवर के साथ संबंध बनाने के लिए विवश किया जाता है, जब वह इसका विरोध करती हैं तो आरोपी उन्हें पीटते हैं। पीड़िता की शिकायत पर नगर पुलिस ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस दौरान सभी थानों में 48 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 32 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि 16 के निस्तारण के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया।