बुलंदशहर। शहर से प्रतिदिन निकलने वाले करीब 90 टन कूड़े के निस्तारण के लिए खर्च किए गए डेढ़ करोड़ रुपये बर्बाद हो रहे हैं। गांव भाईपुरा में बनाया गया कूड़ा निस्तारण प्लांट करीब छह माह से बंद पड़ा है। प्लांट संचालन न होने के कारण वहां लगी मशीनें खराब हो रही हैं। इसके साथ ही प्लांट पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, जिससे आसपास के खेतों में काम करने वाले लोग परेशान हैं।
वर्ष 2021 में नगर पालिका ने गांव भाईपुरा में 1.5 करोड़ की लागत से कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाया था। स्वच्छ भारत मिशन के तहत लगाए गए प्लांट पर प्रतिदिन शहर से निकलने वाले करीब 90 न कूड़े का निस्तारण किया जाना था। योजना के तहत प्लांट पर पॉलिथीन, प्लास्टिक, लोहा समेत अन्य प्रकार के कचरे को अलग-अलग किया जाना था। गीले कूड़े से देशी खाद तैयार करते हुए इसे बाजार में बेचना था और विभिन्न प्रकार के कूड़े को अलग-अलग बेचकर नगर पालिका की आय बढ़ानी थी। नगर पालिका अधिकारियों की लापरवाही के कारण न तो शहर से निकलने वाले कूड़े का निस्तारण हो रहा है और न ही नगर पालिका की आय बढ़ाने के लिए कोई कदम उठाया गया है। करीब छह माह से प्लांट संचालन के लिए न तो नगर पालिका ने कर्मचारी तैनात किए हैं और न ही मशीनरी के रख-रखाव के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे प्लांट की मशीनरी खराब हो चुकी है। अब प्लांट पर कूड़ा डालने के लिए पर्याप्त जगह न होने के कारण स्याना रोड स्थित नगर पालिका की जमीन पर डाला जा रहा है, जिससे आसपास के लोग परेशान हैं।
सूखा और गीला कूड़ा नहीं उठ रहा अलग
स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रतिदिन घर-घर से सूखा और गीला कूड़ा अलग-अलग एकत्रित किया जाना था, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण न तो लोगों को जागरूक किया जा रहा है और न ही गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग बॉक्स में डलवाया जा रहा है।
बदबू से किसान परेशान
गांव भाईपुरा निवासी किसान हामिद ने बताया कि प्लांट पर बड़े स्तर पर कूड़ा एकत्रित हो चुका है। इससे आसपास के क्षेत्रों में काम करना काफी कठिन हो रहा है। गांव निवासी जय सिंह ने बताया कि कई बार नगर पालिका अधिकारियों को प्लांट से आने वाली बदबू के बारे में शिकायत की लेकिन अधिकारियों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया।
कूड़ा निस्तारण प्लांट का संचालन क्यों नहीं किया जा रहा है, इस संबंध में नगर पालिका अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा। यदि प्लांट संचालन में लापरवाही बरती जा रही है तो मामले में अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जाएगा। - डाॅ. प्रशांत कुमार, एडीएम प्रशासन