बुलंदशहर। सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना कर जिले में संचालित किए जा रहे भट्ठों के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई शुरू हो गई है। शुक्रवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने 14 भट्ठा संचालकों को नोटिस जारी कर दिया। संबंधित विभागों को लाइसेंस और एनओसी निरस्त करने के लिए पत्र भेजा है।
बृहस्पतिवार को अमर उजाला ने भट्ठों की स्थिति की पड़ताल की तो काफी संख्या में भट्ठा समय से चलते हुए मिले। जिलेभर में करीब 400 ईट भट्ठों में से 300 के करीब जिगजैग हो रखे है। जल एवं वायु की सहमति लेने के बाद 271 भट्ठा संचालकों के एक मार्च से 30 जून तक संचालन की अनुमति दी गई थी। जिलाधिकारी ने 10 दिन पहले प्रदूषण विभाग के अलावा संबंधित एसडीएम, क्षेत्राधिकारी पुलिस, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, जिला पंचायत के एएमए, संयुक्त आयुक्त व्यापार कर एवं जिला खनन अधिकारी को पत्र भेजकर इन भट्ठों की निगरानी करने के निर्देश दिए थे।
काफी संख्या में भट्ठा संचालकों ने समय से पहले ही भट्ठों का संचालन शुरू कर दिया था। विभागीय अफसरों की लापरवाही को अमर उजाला ने शुक्रवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद प्रदूषण विभाग के अफसरों ने मामले का संज्ञान लिया और समय से पहले संचालित हो रहे भट्ठों को चिन्हित कर कार्रवाई की बात कही। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक अभियंता एसपी सिंह ने बताया कि ईंट भट्ठों का प्रदूषण विभाग की टीम ने निरीक्षण किया। समय से पहले संचालित 14 ईंट भट्ठे संचालित मिले।
इन भट्ठा संचालकों पर होगी कार्रवाई
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसओ गीतेश चंद्रा ने बताया कि जिले में 14 ईंट भट्ठों का संचालन समय से पूर्व होते हुए मिला। इनमें सिकंदराबाद तहसील क्षेत्र के गांव नगला स्थित मेसर्स भोले ईट उद्योग, गांव दुल्हैरा स्थित मेसर्स आरएसएस ब्रिक फील्ड व मेसर्स आरएस ब्रिक फील्ड, गांव जाहिदपुर स्थित मेसर्स श्रीराम ईंट उद्योग व मेसर्स बालाजी ईंट उद्योग, सदर तहसील क्षेत्र के गांव एत्मादसराय का मेसर्स नन्हे ब्रिक फील्ड, गांव नगला शेख का मेसर्स प्रमुख ईंट उद्योग व गांव अहमदपुर का मेसर्स चमन ब्रिक फील्ड, खुर्जा तहसील क्षेत्र के गांव सलैमपुर स्थित मेसर्स केपीएस ईंट उद्योग व गांव कनैनी स्थित मेसर्स आनंदी देवी ईंट उद्योग, स्याना तहसील क्षेत्र के गांव सैदपुर स्थित मेसर्स एसएम ब्रिक फील्ड व मेसर्स एसएम ब्रिक फील्ड-प्रथम, डिबाई तहसील स्थित गांव नगला भोपतपुर स्थित मेसर्स श्री राधानी ईंट उद्योग-पूर्व नाम न्यू प्रधान ईंट उद्योग और शिकारपुर तहसील के गांव धतूरी स्थित मेसर्स राजपूत ईंट उद्योग शामिल है। इन सभी का लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही संबंधित उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी पुलिस, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, जीएसटी विभाग, जिला खान अधिकारी को भी लाइसेंस/एनओसी निरस्त करने के लिए पत्र भेजा जा रहा है।
जिले के 14 भट्ठों का संचालन समय से पहले मिलने पर नोटिस जारी कर लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जा रही है। संबंधित पर अभियोग दर्ज कराने की संस्तुति एवं वायु सहमति निरस्त करने के लिए लखनऊ रिपोर्ट भेजी जा रही है। - उत्सव शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड