एनजीटी ने बुलंदशहर के लोकल चार रूटों पर बस संचालकों को राहत प्रदान कर दी है। ट्रांसपोर्ट कमिश्नर की ओर हरी झंडी मिलने के बाद संबंधित चार रूटों पर 125 से अधिक 10 साल पुराने डीजल बसें फर्राटा भर सकेंगी। हालांकि इन वाहनों के शहर की सीमा में घुसने पर पूरी तरह रोक रहेगी।
एनजीटी ने एनसीआर में 10 साल पुराने डीजल वाहन और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों के संचालन पर रोक लगाई हुई है। एआरटीओ प्रशासन सुरेंद्र सिंह ने बताया कि इसी क्रम में गुलावठी-दनकौर, गुलावठी-चित्सौन, नरोरा-बुलंदशहर और स्याना बुलंदशहर रूट के बस संचालकों के एनजीटी में रिट दायर की थी। रिट में कहा गया था उनकी बसों का संचालन देहात क्षेत्र में होता है।
शहरी क्षेत्र में बसें आती-जाती नहीं है। इसलिए 10 साल पुरानी डीजल बसों के संचालन की अनुमति संबंधित रूट पर प्रदान की जाए। एनजीटी ने सशर्त अनुमति प्रदान की है। एनजीटी ने कहा कि इन रूटों पर चलने वाले वाहनों को शहरी सीमा में घुसने नहीं दिया जाए। एनजीटी का आदेश एआरटीओ के पास पहुंच गया है।
एआरटीओ ने एनजीटी के आदेश को ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के पास भेज दिया है। उच्च परिवहन अफसरों के बीच एनजीटी के आदेश को लेकर माथापच्ची चल रही है।