गुलावठी के गांव खुशहालगढ़ स्थित दूध चिलिंग प्लांट
गुलावठी। दूध चिलिंग सेंटर से प्रतिदिन 10 हजार लीटर सिंथेटिक दूध तैयार कर दिल्ली एनसीआर में आपूर्ति करने का मामला सामने आया है। सोमवार रात खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम प्लांट में जांच करने पहुंची तब मामले का खुलासा हुआ। टीम ने मौके से बरामद हुए 700 लीटर सिंथेटिक दूध को नष्ट कराकर चार नमूने जांच के लिए भेजे हैं।
गांव खुशहालपुर निवासी राजेंद्र सिंह उर्फ गौरव का गांव कोटा के पास जय ढूला बाबा के नाम से दूध चिलिंग सेंटर है। बताया जा रहा है कि गौरव आसपास के गांवों से दूध एकत्रित करके दिल्ली आपूर्ति करता है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के सहायक आयुक्त विनीत कुमार के नेतृत्व में टीम प्लांट पर पहुंची तो पता चला कि औसतन 10 हजार लीटर दूध प्रतिदिन दिल्ली एनसीआर में आपूर्ति की जा रही है। रजिस्टर की जांच करने पर पता चला कि आसपास के गांवों से केवल चार हजार लीटर दूध ही एकत्रित किया जाता है।
टीम ने मौके से करीब 700 लीटर सिंथेटिक दूध, दूध पाउडर व रिफाइंड तेल के खाली टिन बरामद किए। चारों पदार्थों के नमूने लेने के साथ ही बरामद किए गए सिंथेटिक दूध को नष्ट करा दिया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से प्लांट संचालक के लाइसेंस को रद करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। सिंथेटिक दूध से ही पनीर और मावा भी तैयार कर बेचा जा रहा था।
गांव खुशहालपुर में भी है डेयरी
राजेंद्र सिंह उर्फ गौरव अपने गांव खुशहालपुर में भी एक दूध की डेयरी संचालित करता है। गांव के लोग फुटकर में उससे दूध खरीदते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कई वर्षों से उसकी डेयरी चल रही है। कार्रवाई के बाद से अब ग्रामीण डेयरी से दूध खरीदने से बचने लगे हैं।
दूध की खरीद और दिल्ली-एनसीआर में आपूर्ति किए जाने के रिकॉर्ड में काफी अंतर था। इससे साफ हुआ कि आरोपी सिंथेटिक दूध तैयार कर आपूर्ति कर रहा था। चार नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - विनीत कुमार, सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन