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रेप पीड़िता की FIR दर्ज नहीं कर रही यूपी पुलिस

Thu, 20 Dec 2012 10:05 AM IST
बुलंदशहर/ब्यूरो
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दिल्ली में चलती बस में छात्रा से गैंग रेप के मामले में पूरा देश उबल रहा है। जगह-जगह आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग उठ रही है लेकिन उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर की पुलिस अब भी सो रही है। सुरक्षा तो दूर पीड़िता की रिपोर्ट तक नहीं लिखी जा रही।
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बुलंदशहर के गुलावठी में बीते सात दिसंबर को 12वीं की एक छात्रा को कुछ गुंडे कार में अगवा कर ले गए। कार में ही जबरन उसका श्रृंगार कर बलात्कार करने की कोशिश की गई। मामले में पीड़ित के परिजन दस दिन से थाने के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कोई नहीं सुन रहा।

गुलावठी निवासी पीड़ित छात्रा और उसके परिजन बुधवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचे। पीड़िता ने बताया कि सात दिसंबर को वह चौबीसा कन्या इंटर कॉलेज के लिए घर से निकली। तभी एक कार में सवार तीन लोगों ने उसे अगवा कर लिया। इसके बाद उसका दुल्हन की तरह श्रृंगार कर एक जगह पर गैंगरेप की कोशिश की।
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पीड़िता के शोर मचाने पर एक अन्य कार मौके पर आकर रुकी। इससे घबराकर आरोपी पीड़िता और उसके कपड़े को सड़क पर फेंक कर भाग गए। पीड़िता ने एक बाइक सवार के मोबाइल से फोन कर अपने पिता को सूचना दी। घटना के बाद से पीड़ित परिजन आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने को गुलावठी थाने के चक्कर लगा रहे हैं।

पंचायत ने भी दबाई पीड़ितों की आवाज
पीड़ित परिजनों का कहना है कि पुलिस में शिकायत करने के बाद गांव में इस मामले को लेकर पंचायत बुलाई गई। आरोपी मूल रुप से पीड़िता के गांव के ही रहने वाले थे और वर्तमान में दादरी में रह रहे थे। आरोपी के प्रभाव से पंचायत में भी पीड़ितों की आवाज को दबाया गया। पंचायत के दबाव बनाकर समझौते पर हस्ताक्षर करा लिए गए।

गुलावठी के एसओ वीरेंद्र सिंह यादव का कहना है कि एक शिकायत आई थी, जांच में पता चला था कि लड़की युवक से शादी करना चाहती है। लेकिन किसी बात पर दोनों में विवाद हो गया। बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया था। समझौता नामा आने के बाद पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की।

वहीं एसपी सिटी श्रीकांत सिंह यादव ने कहा कि पीड़ित परिवार की शिकायत पर मामले की फिर से जांच कराई जा रही है। गुलावठी एसओ को जांच कर कार्रवाई का आदेश दिया गया है।
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