घायल ओमेंद्र सिंह को मेडिकल कॉलेज ले जाते परिजन। स्रोत- वीडियोग्रैब
उझानी। वनगांव में शनिवार दोपहर चार बजे तालाब किनारे ताश खेल रहे लोगों में से युवक पर बुजुर्ग ने कुल्हाड़ी से हमला कर दिया गया। इसके बाद युवकों ने बुजुर्ग को घेर लिया। इस दौरान बुजुर्ग की मौत हो गई। पुलिस ने घटना की तह तक पहुंचने को जांच शुरू कर दी है।
वनगांव के बाहरी छोर पर छह युवक ताश खेल रहे थे। उसी दौरान ताश खेल रहे युवकों में से ओमेंद्र सिंह (35) पुत्र मुन्ने के सिर पर गांव के ही 60 वर्षीय किशनपाल ने कुल्हाड़ी से हमला कर दिया गया। हमले के बाद खींचतान के दौरान किशनपाल की मौके पर ही गश खाकर गिर पड़े। सूचना पर पहुंची पुलिसकर्मी किशनपाल को लेकर अस्पताल जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। वहीं, घायल ओमेंद्र को प्राथमिक उपचार के बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
बुजुर्ग किशनपाल की मौत को लेकर देर शाम तक पसोपेश का माहौल बना रहा। मृतक के परिजनों के बाहर होने की वजह से कोई भी ग्रामीण स्पष्ट कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। घायल ओमेंद्र ने पुलिस को बताया कि हमले के बाद किशनपाल खुद ही चीखने लगे मैने तो पहले से ही जहर खा लिया है। प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार मलिक ने बताया कि बुजुर्ग की मौत खींचतान में होने की ओर इशारा कर रहा है। मृतक के शरीर पर खरोंच का निशान नहीं है।
नोएडा में मां के साथ रहता है मृतक का छोटा बेटा
मृतक किशनपाल के दो बेटे हैं। बड़े बेटे प्रशांत की दिमागी हालात ठीक नहीं है। छोटा बेटा निशांत अपनी मां गुड्डो के साथ नोएडा में रहकर प्राइवेट जॉब करते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि किशनपाल का गांव में मकान है, लेकिन कृषि योग्य भूमि नहीं है। पिता की मौत के बाद भी बड़ा बेटा प्रशांत सामान्य की तरह घूमता रहा। मृतक की पत्नी और छोटे बेटे के बाद ही किशनपाल और ओमेंद्र के बीच क्या पहले से कोई रंजिश थी, यह भी साफ हो जाएगा।