- प्रभारी डीएम ने की कृषि तकनीकी प्रबंध अभिकरण के कार्यों की समीक्षा
जिले के किसानों को जागरूक एवं प्रगतिशील बनाने के लिए कृषि तकनीकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा) के तहत संबंधित विभागों ने सामूहिक रूप से दो करोड़ 11 लाख 57 हजार तीन सौ रुपए की कार्ययोजना तैयार की है, जिसे अनुमोदित कर दिया गया।
शनिवार को विकास भवन स्थित सभाकक्ष में प्रभारी जिलाधिकारी अच्छे लाल सिंह यादव ने कृषि तकनीकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा) अंतर्गत शासीय निकाय (गवर्निंग बोर्ड) की बैठक में वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए प्रस्तुत की गई कार्य योजना की समीक्षा की। बैठक में कृषि फसलों के प्रदर्शन, तकनीकी जानकारी के लिए कृषि मेलों में किसानों को ले जाने तथा वार्षिक रूप से उत्कृष्ट उत्पादन करने वाले कृषकों को पुरस्कृत करने के लिए योजना तैयार की गई है। उन्होंने बैठक में निर्देश दिए कि सब्जी, औषधि खेती आदि फसलों के उत्पादन के लिए बेहतर काम करने वाले 4-5 गांवों तथा किसानों को मॉडल के रूप में चिह्नित किया जाए। इन फसलों को दूसरे किसानों को दिखाकर उनमें जागरूकता पैदा की जाएगी। प्रभारी डीएम ने योजना के तहत 2016-17 में व्यय की गई धनराशि की भी समीक्षा की। उन्होंने पाया कि इस वित्तीय वर्ष में आत्मा के घटक कृषि विभाग ने 1337011 रुपये, उद्यान 210000 रुपये, पशुपालन 460466 रुपये, गन्ना विभाग 42000 रुपये, मत्स्य 149000 रुपये तथा सचिव आत्मा (उप निदेशक कृषि प्रसार) ने अब तक 374263 रुपये कृषकोमुन्खी कार्यक्रम पर व्यय किए हैं। पांचों विभागों ने अब तक 184.41393 रुपये की राशि व्यय की है। प्रभारी डीएम ने निर्देश दिए कि इस योजना अंतर्गत जो भी कार्य कराए जाएं उनकी साक्ष्य के तौर पर फोटोग्राफी अवश्य कराई जाए और प्रगतिशील किसानों की सफलता की कहानियाँ भी तैयार की जाएं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना मुख्यमंत्री जी की प्राथमिकताओं में शामिल है इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में उप निदेशक कृषि प्रसार आरपी चौधरी, उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी आरके सिंह, जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी एके जादौन, जिला गन्ना अधिकारी डीके सैनी सहित अन्य संबंधित अधिकारी और सदस्यगण मौजूद रहे।
ग्रामोद्योग रोजगार के लिए आवेदन मांगे
बदायूं। खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड से संचालित मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना अंतर्गत उद्योग स्थापित करने के लिए बैंक ऋण लेने के लिए 24 अप्रैल से 12 मई तक जिला ग्रामोद्योग कार्यालय से नि:शुल्क आवेदन पत्र प्राप्त किए जा सकते हैं। समस्त आवश्यक अभिलेखों एवं आधार कार्ड सहित आवेदन पत्र भरकर 15 मई तक शहवाजपुर स्थित ग्रामोद्योग कार्यालय में जमा किए जा सकते हैं। निर्धारित अवधि के बाद कोई आवेदन पत्र स्वीकार नहीं किया जाएगा। जिला ग्रामोद्योग अधिकारी जीआर पाल ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2017-2018 के लिए लक्ष्य प्राप्त हो गए हैं। शिक्षित बेरोजगार, अनुभवी तथा प्रशिक्षित एवं परंपरागत कारीगर जिनकी आयु 18 वर्ष से 50 तक हो आवेदन कर सकता है। कुल लागत का सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत, आरक्षित तथा महिला वर्ग को पांच प्रतिशत स्वयं का अंशदान लगाना होगा।