बदायूं। कासगंज-बदायूं हाईवे का निर्माण कार्य गति नहीं पकड़ पा रहा है। चार माह पहले सर्वे कर डीएफओ ने पेड काटने के लिए वन निगम लखीमपुर को रिपोर्ट भेजी है। उसके बाद भी पेड़ काटने का काम शुरू नहीं हो सका है। इसलिए निर्माण की आगे की प्रक्रिया रुकी हुई है।
मथुरा-बरेली हाईवे का चौड़ीकरण होना है। यह कार्य चार पैकेज में होना है। इसमें बदायूं-बरेली, बदायूं-कासगंज, हाथरस-कासगंज और हाथरस-मथुरा तक हाईवे तक छह सिक्स लेन बनना प्रस्तावित है। हाथरस से मथुरा तक का निर्माण एनएचएआई आगरा की टीम करेगी। अन्य तीन अन्य पैकेज का निर्माण एनएचएआई बदायूं के पीडी कराएंगे। हाथरस-कासगंज का काम जून 2024 में शुरू हुआ और जून 2026 में पूरा किया जाना है। अभी इसकी प्रगति सिर्फ 20 फीसदी ही है। वहीं कासगंज-बदायूं हाईवे के 54.400 किमी हाईवे में 10 हजार पेड़ हैं। इसे काटा जाना है। इसको लेकर वन विभाग ने सर्वे कर पर्यावरण मंत्रालय से अनुमति मांगी थी। यह अनुमति भी मिल गई है। इसके बाद डीएफओ के स्तर से पेड़ काटने की रिपोर्ट वन निगम लखीमपुर खीरी को भेजी गई है। वहां से पेड़ काटने की पूरी प्रक्रिया होनी है, लेकिन चार माह बाद भी अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। कई जगह एनएचएआई की ओर से खोदाई कर समतलीकरण का काम किया जा रहा है।
हाईवे पर बनेंगे तीन बाईपास, कारोबार को मिलेगा बढ़ावा
कासगंज-बदायूं हाईवे में सोरो, न्यूलीमानपुर नगरिया और उझानी में बाईपास बनाया जाएगा। इसको लेकर तैयारी पूरी कर ली गई है। यह बाईपास बनने से यहां रहने वाले लोग अपना कारोबार कर सकेंगे। इससे छोटे व बड़े उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा।
कासगंज में 18 और बदायूं के 30 गांवों की जमीन अधिग्रहित
कासगंज-बदायूं हाईवे के चौड़ीकरण के लिए कासगंज जिले के 18 गांव और बदायूं के 30 गांवों की करीब 185 हेक्टेयर जमीनों को अधिग्रहित किया जा चुका है। यहां के किसानों को सर्किल रेट से पांच गुना ज्यादा मुआवजा दिया गया है।
मरीजों की सुविधा के लिए बनेगा अंडरपास
मेडिकल कॉलेज के सामने से हाईवे होकर गुजरेगा। ऐसे में अंडरपास न होने पर मरीजों को वहां तक पहुंचने में परेशानी होगी। इसको देखते हुए एनएचएआई ने अपनी डीपीआर में मेडिकल कॉलेज अंडरपास को भी शामिल किया है।
चौड़ीकरण के लिए 10 हजार पेड़ काटे जाने हैं। इसकी कार्रवाई वन विभाग के स्तर से हो रही है। जहां पेड़ नहीं हैं, उन जगहों पर काम चल रहा है।
- उत्कर्ष शुक्ला, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
- हाईवे निर्माण में बाधा बन रहे पेड़ों का सर्वे कर उन्हें काटने के लिए चार माह पहले रिपोर्ट वन निगम लखीमपुर खीरी को भेज दी गई है। उनके स्तर से कार्रवाई की जानी है।
- प्रदीप कुमार वर्मा, डीएफओ