बदायूं। एक समय था जब पुरुष ही फिटनेस के प्रति जागरूक हुआ करते थे, लेकिन अब महिलाएं भी अपनी फिटनेस के प्रति सचेत नजर आती हैं। योग व व्यायाम के जरिये वे खुद को न केवल शारीरिक रूप से चुस्त-दुरुस्त रख रही हैं बल्कि मानसिक रूप से भी उनके आत्मविश्वास में लगातार वृद्धि हो रही है। घर, परिवार की जिम्मेदारियों के बीच महिलाएं फिट रहने के लिए वक्त निकाल रही हैं। बढ़ती उम्र को मात देने के साथ साथ फिटनेस के लिए जागरूक हो चुकीं कुछ महिलाएं अब दूसरी महिलाओं समेत पुरुषों को भी फिट रहने के टिप्स दे रही हैं।
योग शिक्षक व गृहणी रेनू गुप्ता ने बताया कि 40 से 45 की उम्र में आते-आते महिलाओं की जिंदगी पति, घर और बच्चों में बंट जाती है। इन सबके बीच में वह अपना ख्याल नहीं रख पाती हैं। महिलाओं को हर उम्र में फिट और एक्टिव रहना चाहिए। वृद्धावस्था में प्रवेश करने के साथ ही कहीं न कहीं हम अपनी जिंदगी को जीना भूल जाते है। करीब दस साल पहले मुझे डायबिटीज हुई थी, जब योग की तरफ रुझान गया। योग करने से काफी फायदा हुआ। उसके बाद मैं निरंतर योग करती आ रही हूं। अब तो पिछले पांच साल से और लोगों को भी योग सिखा रही हूं।
योग प्रशिक्षक श्वेता छाबड़ा कहती हैं कि उन्हें बचपन से ही फिट रहने का शौक था। इसको लेकर शुरू से ही इस तरह की गतिविधियों को करती रहती थीं। देखा कि शादी के बाद में महिलाएं अपनी सेहत पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं देती हैं। इसकी वजह से उनको 40 से 45 साल आते-आते तमाम तरह की परेशानियां घेर लेती हैं। इसको लेकर उन्होंने खुद के साथ-साथ महिलाओं को भी योग और फिटनेस रहने के बारे में जागरूक किया। योग के माध्यम से लोगों को काफी फायदा मिला। किसी को मोटापा कम हुआ तो किसी अन्य बीमारियों से निजात मिली।
श्वेता छाबड़ा। संवाद- फोटो : BADAUN