बदायूं। नगर पालिका परिषद ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए वाटर और हाउस टैक्स में बदलाव किया है। नई नियमावली के अनुसार, अब मकान की एनुअल रेंटल वैल्यू (एआरवी) पर कुल 17.5 प्रतिशत टैक्स देना होगा।
इसमें 10 प्रतिशत हाउस टैक्स और 7.5 प्रतिशत वाटर टैक्स शामिल है। पहले यह पांच प्रतिशत हाउस टैक्स और 10 प्रतिशत वाटर टैक्स यानी कुल 15 प्रतिशत लिया जाता था। इस प्रकार अब नगर पालिका ने हाउस टैक्स में वृद्धि करते हुए वाटर टैक्स में थोड़ी राहत दी है। कुल मिलाकर लोगों को पहले से 2.5 फीसदी टैक्स ज्यादा देना होगा। शहर के कुल 29 वार्डो में 27,300 घर, दुकान व मकान से टैक्स वसूली की जाती है।
नगर पालिका परिषद के अधिकारियों के अनुसार, यह नई दरें एक अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगी। उनका कहना है कि इस बदलाव से पालिका की वार्षिक आय में बढ़ोतरी होगी। इससे शहर के विकास कार्यों को गति दी जा सकेगी। टैक्स से मिलने वाली राशि का उपयोग सड़क, नाली, पेयजल आपूर्ति, सफाई व्यवस्था और अन्य जनसुविधाओं में किया जाएगा।
पालिका के अधिकारियों का कहना है कि बीते वर्षों में बढ़ते खर्च और सीमित राजस्व को देखते हुए हाउस टैक्स की दरों में संशोधन करना जरूरी हो गया था। वहीं वाटर टैक्स में कमी रखकर लोगों को कुछ राहत देने का प्रयास किया गया है। अधिकारियों का दावा है कि टैक्स संरचना में यह बदलाव शहर के हित में है। इससे विकास योजनाओं को स्थायी आर्थिक आधार मिलेगा। कुल मिलाकर हाउस टैक्स की दरें बढ़ने से जहां पालिका की आय में वृद्धि होगी, वहीं आम नागरिकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ भी बढ़ेगा।
ऐसे कर सकते हैं धनराशि जमा
हाउस और वाटर टैक्स को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से जमा कर सकते है। ऑफलाइन जमा करने के लिए संबंधित व्यक्ति को नगर पालिका आना होगा, जबकि ऑनलाइन जमा करने के लिए संबंधित व्यक्ति को पालिका से अपनी प्रोपर्टी आईडी ले सकते है। इसके बाद वह ऑनलाइन नगर सेवा पोर्टल पर हाउस और वाटर टैक्स जमा कर सकते हैं।
ऐसे तय होगा टैक्स का निर्धारण
पहले कमरों के अनुसार टैक्स लिया जाता था। इससे छोटे या बड़े घरों से फर्क नहीं पड़ता था। ऐसे में कई बार बड़े घरों से टैक्स कम लिया जाता था। अब टैक्स निर्धारण में बदलाव किया गया है। इसके तहत अब कितना बड़ा घर है, किस तरह का बना है। वह कहां पर मौजूद है, सड़क की स्थिति कैसी है समेत अन्य बिंदुओं को चेक करते हुए टैक्स लगाया जाएगा। इससे व्यक्ति स्वयं भी टैक्स के लिए फॉर्म कर सकता है। इसके लिए एक निर्धारित प्रारूप है। केवल उसको भरना है। जिससे टैक्स का निर्धारण हो जाएगा। जो व्यक्ति स्वयं टैक्स का निर्धारण करेंगे। उनकी जांच नगर पालिका की ओर से की जाएगी। जिससे बाद में उसको लागू किया जाएगा।
पालिका की टैक्स वृद्धि को बताया गलत
पालिका की ओर से टैक्स में वृद्धि करना सही नहीं है। पहले से पालिका सुविधाएं दे नहीं पा रहा है, जबकि पालिका पहले से ही 15 प्रतिशत टैक्स ले रही है। अब इसको बढ़ाकर 17.5 प्रतिशत पर ले जाया जा रहा है। -अमित वैश्य, गांधी ग्राउंड
शहर नगर पालिका सुविधाओं को देने में शून्य है, लेकिन टैक्स लेने में नंबर वन पर है। पानी पर टैक्स कम करके अच्छा कदम उठाया था, लेकिन हाउस टैक्स पर उससे ज्यादा बढ़ाकर लोगों की मुसीबत बढ़ा दी है। -विपिन अग्रवाल
जलकर और गृहकर के टैक्स में परिवर्तन किया गया है। इसके अनुसार ही अब शहरवासियाें से टैक्स लिया जाएगा। इससे होने वाली आय से शहर के बेहतर करने के कदम उठाए जाएंगे। -विनय कुमार मणि त्रिपाठी, ईओ नगर पालिका परिषद, बदायूं
अमित वैश्य
अमित वैश्य