बदायूं। खुले बाजार में इस बार गेहूं का भाव समर्थन मूल्य से अधिक हैं। ऐसे में किसानों ने सरकारी केंद्रों की जगह आढ़तियों को गेहूं बेचना शुरू कर दिया है, वहीं दूसरी ओर मूल्य में लगातार हो रहे इजाफे को देखते हुए आढ़ती किसानों से संपर्क कर जल्द से जल्द ज्यादा गेहूं खरीद रहे हैं। आढ़तियों ने सीधे खेतों तक से गेहूं उठाना स्टॉक करना शुरू कर दिया है।
शासन के निर्देश पर गेहूं खरीद करने के लिए जिले में 135 क्रय केंद्र बनाए गए हैं, लेकिन इस बार बाजार में गेहूं की कीमत में अचानक उछाल आ गया है। ऐसे में किसानों ने सरकारी केंद्रों की ओर जाना छोड़कर आढ़तियों की ओर अपना रुख कर लिया है। जानकारों के अनुसार इसकी वजह यह है कि इस बार अपेक्षाकृत गेहूं की पैदावार कम हुई है। गत वर्षों में एक बीघा में पांच से छह क्विंटल गेहूं की पैदावार होती थी, जो घटकर अब तीन से साढ़े तीन क्विंटल रह गई है। ऐसे में आने वाले समय में गेहूं की कीमत और भी ज्यादा बढ़ सकती है। इसलिए आढ़तियों ने किसानों के खेतों में जाकर खरीदारी शुरू कर दी है और अधिकतर गेहूं का स्टॉक करना शुरू कर दिया है। इधर, मार्केटिंग इंस्पेक्टर मुकेश बघेल का कहना है किसान गेहूं कहीं पर भी बेच सकता है। किसानों पर किसी भी तरह की बंदिशें नहीं है। अब आढ़ती की ओर से गेहूं को स्टॉक किया जा रहा है तो कुछ नहीं कहा जा सकता।