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गर्मी तोड़ रही कई रिकॉर्ड, अभी 15 दिन तक गर्माता रहेगा जून

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भीषण धूप के कारण बचाव को मुंह पर स्कार्फ लपेटकर निकलीं युवतियां। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में तापमान सभी रिकार्ड तोड़ रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अभी आने वाले कम से कम 15 दिन तक जून का महीना इसी तरह से गर्माता रहेगा। दरअसल, इस बार मार्च से ही पश्चिमी विक्षोभ का असर कम है। पिछले साल के मुकाबले इस बाद मई में ही अधिकतम तापमान में छह डिग्री तक का इजाफा दर्ज किया गया। कई दशक से मई में अधिकतम तापमान 42 डिग्री से अधिक नहीं हुआ, लेकिन इस बार मई मध्य में अधिकतम तापमान 47 डिग्री के पार हो गया।
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भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो बदायूूं समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर के जिलों में मई मध्य से ही तापमान में असामान्य रूप से वृद्धि दर्ज की गई। जून में भी तापमान 45-47 डिग्री के बीच झूल रहा है। इससे पहले 19 मई को अधिकतम तापमान रिकार्ड 47.5 डिग्री तक पहुंच गया था। जून में छह जून को भी अधिकतम तापमान 47.5 डिग्री के पार हो गया। न्यूनतम तापमान में भी इजाफा हुआ। आगरा और बदायूं में तापमान में ज्यादा अंतर नहीं होता। इस बार मई और जून में कई दिन ऐसे हो चुके हैं जब आगरा और बदायूं प्रदेश के सबसे गर्म जिलों की सूची में चौथे और पांचवें नंबर पर पहुंच गए।
19 मई और सप्ताह के पहले दिन सोमवार छह जून को दोनों जिलों का तापमान 47.5 डिग्री से ज्यादा दर्ज किया गया। मंगलवार को तापमान में मामूली गिरावट आई।
बदायूं का अधिकतम तापमान मंगलवार को 45.8 और न्यूनतम 37.7 डिग्री दर्ज किया गया। सोमवार के मुकाबले मंगलवार को तापमान में कुछ गिरावट आई, लेकिन लू के थपेड़े और गर्म हवा लोगों को परेशान करती रहीं। मौसम विभाग के मुताबिक अगले तीन दिनों तक तापमान 45 से 47 डिग्री के बीच बना रहेगा और लू के थपेड़े बेहाल करते रहेंगे।
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मार्च से जून तक सिर्फ एक-दो बार प्री-मानसून की बौछार
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार मार्च से ही तापमान में असामान्य तरीके से इजाफा होना शुरू हो गया। आमतौर पर मार्च, अप्रैल और मई में कई बार प्री-मानसून की बारिश हो चुकी होती है। इस बार फरवरी के अंत में कई दिन बारिश हुई, लेकिन मार्च से लेकर जून के पहले सप्ताह तक प्री-मानसून के नाम पर सिर्फ एक-दो बार ही बारिश हुई। बदायूं ही नहीं पश्चिमी, मध्य यूपी, रुहेलखंड, बुंदेलखंड और ब्रज क्षेत्र के जिलों का ऐसा ही हाल है।
आगरा, मेरठ, बरेली, मुरादाबाद, बिजनौर, एटा समेत एनसीआर से सटे जिलों और तराई के जिलों में भी इस बार तापमान असामान्य तरीके से बढ़ा है।
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कमजोर रहा पश्चिमी विक्षोभ, मौसम चक्र में हो रहा बदलाव
डॉ. हेमवती नंदन बहुगुणा यूनिवर्सिटी गढ़वाल के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आलोक सागर गौतम का कहना है कि जिस तरह से इस वर्ष मार्च से जून के पहले सप्ताह तक पश्चिमी विक्षोभ कमजोर हुआ है, वह भविष्य के लिए अच्छा संकेत नहीं है। मार्च से जून तक बारिश न होने के कारण जलीय वनस्पतियों पर इसका असर होगा। मौसम चक्र में बदलाव होगा ओर खेती का क्रम भी प्रभावित होगा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़े बताते हैं कि पिछले सौ साल में मार्च से जून के पहले सप्ताह तक इस तरह से तापमान नहीं चढ़ा। यह जलवायु परिवर्तन, प्रकृति के साथ छेड़छाड़ के कारण हो रहा है।
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पिछले साल और इस साल जून का तापमान
तारीख - जून 2021- जून 2022
एक जून 41.4 डिग्री 46.8 डिग्री
दो जून 40.4 डिग्री 46.1 डिग्री
तीन जून 40.3 डिग्री 46.2 डिग्री
चार जून 39.4 डिग्री 46.6 डिग्री
पांच जून 40.2 डिग्री 45.6 डिग्री
छह जून 42.1 डिग्री 47.4 डिग्री
सात जून 42.0 डिग्री 45.8 डिग्री
आठ जून 44.2 डिग्री 45.9 डिग्री
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