बदायूं। कितने भी चालान करो, लेकिन हम सुधरने वाले नहीं हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि माह नवंबर यातायात माह के रूप में मनाया जा रहा था। लोगों को जागरूक करने के साथ ही कार्रवाई भी खूब की गई। पुलिस व यातायात विभाग ने 12 हजार से अधिक वाहनों के चालान किए, जिसमें 60 फीसदी बाइक सवार ऐसे मिले जिनका बिना हेलमेट में चालान हुआ है।
सड़क सुरक्षा को लेकर चलाई जा रही जागरूकता मुहिम के बावजूद हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों के हौसले इतने बुलंद हैं कि हर माह 30 से 35 लाख रुपये से अधिक के चालान कटने के बावजूद सड़क पर जान गंवाने वालों की संख्या कम होने की बजाय बढ़ रही है।
पिछले साल की तुलना में इस बार घटनाएं बढ़ी हैं, जो इस बात की गवाही दे रहीं हैं कि पुलिस की सतर्कता पर नियम तोड़ने वालों के हौसले बुलंद हैं। उनकी छोटी से लापरवाही उनकी जान पर भारी पड़ जा रही है, बावजूद इसके उनका खिलवाड़ जारी है। नवंबर में 12 हजार रुपये से अधिक के चालान वाहन चालकों के हुए। इसमें से सात हजार से अधिक चालान हेलमेट न लगाने वालों के शामिल हैं।
रोजाना कट रहे चार सौ से अधिक चालान
आंकड़ों में खुलासा हुआ है कि 12 हजार से अधिक वाहन चालकों के चालान एक महीने में काटे गए यानी रोजाना करीब चार सौ से ज्यादा लोग अपनी और दूसरों की जान खतरे में डालकर सड़क पर उतर रहे हैं। ट्रैफिक विभाग के अनुसार, जिले में हुई सड़क दुर्घटनाओं में सबसे ज्यादा मौतें बाइक सवारों की हुईं। इनमें बड़ा हिस्सा उन लोगों का है जिन्होंने हेलमेट नहीं लगाया हुआ था। तेज रफ्तार, गलत दिशा में वाहन चलाना, मोबाइल पर बात करना हादसों को दावत दे रहा है।
विशेषज्ञ बोले- हेलमेट सिर की सुरक्षा के लिए सबसे प्रभावी कवच
हेलमेट सिर की सुरक्षा के लिए सबसे प्रभावी कवच है। 70 प्रतिशत से अधिक मौतें सिर में चोट लगने से होती हैं, जिन्हें हेलमेट पहनकर आसानी से टाला जा सकता है। अगर सिर सुरक्षित रहे तो हादसे का शिकार होने के बाद भी पीड़ित का बचना मुमकिन रहता है। कई बार सिर में चोट के कारण दिमागी रूप से कमजोर, कोमा में चले जाने जैसी कई प्रकार की परेशानी होती है। - डॉ. अमित वार्ष्णेय, जनरल सर्जन
सड़कें तभी सुरक्षित होंगी जब लोग नियमों को बोझ नहीं, सुरक्षा उपाय मानकर अपनाएंगे। आंकड़े संकेत दे रहे हैं कि लापरवाही मौत बनकर पीछा कर रही है। समय रहते नियमों का पालन और हेलमेट व सीट बेल्ट जैसे बेसिक सेफ्टी गियर अपनाना ही जिंदगी बचाने का सबसे कारगर तरीका है। इसे जरूर अपनाएं। -आरएल राजपूत, यातायात प्रभारी
सड़क हादसों को रोकने के लिए लगातार चेकिंग चलाया जा रहा है। इसमें नियम तोड़ने वालों का चालान किया जा रहा है। साथ ही स्कूल, कॉलेज में जाकर बच्चों को भी यातायात नियम के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उन्हें बताया जा है कि अभिभावक और परिवार के सदस्यों को हेलमेट और सीटबेल्ट लगाने के लिए प्रेरित करें। - विजयेंद्र कुमार द्विवेदी, एसपी सिटी