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Water Park Incident: बदायूं में डीएम के आदेश पर कब्र से निकाला गया हसनैन का शव, वाटर पार्क सील, रिपोर्ट दर्ज

Sun, 24 May 2026 04:47 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं

सार

बदायूं जिले में निर्माणाधीन वाटर पार्क में डूबकर आठ वर्षीय हसनैन की मौत हो गई थी। परिवार ने बिना किसी कार्रवाई के शव दफना दिया था। मामला संज्ञान में आने के बाद डीएम के आदेश पर पुलिस ने शव को कब्र से निकलवाया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। 
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हादसे के बाद प्रशासन ने सील कराया वाटर पार्क - फोटो : संवाद
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विस्तार
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बदायूं के अलापुर थाना क्षेत्र के गांव भसराला में निर्माणाधीन वाटर पार्क में डूबकर आठ वर्षीय मासूम की मौत के मामले ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। दर्दनाक हादसे के बाद जिला प्रशासन भी हरकत में आ गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर रविवार को बच्चे के शव को कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में भारी पुलिस बल तैनात रहा और पूरे घटनाक्रम पर कड़ी निगरानी रखी गई। पुलिस ने वाटर पार्क संचालकों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कर ली है। एक आरोपी को पुलिस ने हिरासत में लिया है। वाटर पार्क को सील कर दिया गया है। 

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अलापुर थाना क्षेत्र के गांव भसराला निवासी ज़फर का आठ वर्षीय पुत्र हसनैन शनिवार दोपहर करीब तीन बजे गांव के पास निर्माणाधीन वाटर पार्क में गया था। इसी दौरान वह वहां बने स्विमिंग पूल के गहरे पानी में डूब गया। काफी देर तक बच्चे का पता नहीं चलने पर परिजनों और ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। तलाश करने पर मासूम को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। बेटे की मौत से परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में मातम छा गया।
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परिजनों ने बिना किसी कार्रवाई के दफना दिया था शव 
घटना के बाद गमगीन परिजनों ने बिना किसी कानूनी कार्रवाई और पोस्टमार्टम के शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया था। हालांकि मामले की जानकारी प्रशासन तक पहुंचने के बाद अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया। डीएम के आदेश पर रविवार को सदर एसडीएम मोहित कुमार सिंह की निगरानी में कब्र से शव निकलवाने की प्रक्रिया पूरी कराई गई। मौके पर पुलिस प्रशासन, राजस्व टीम और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी मौजूद रहे। आवश्यक कानूनी कार्रवाई और पंचनामा भरने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

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45 दिन पहले ही शुरू हुआ स्विमिंग पूल का संचालन
ग्रामीणों ने बताया आमदपुर में बना स्विमिंग पुल शुरू से ही सवालों के घेरे में था। पूल को शुरू हुए अभी करीब 45 दिन ही हुए थे, लेकिन रोजाना करीब 100 से 150 लोग यहां घूमने और फोटो खिंचवाने पहुंच रहे थे। इसके बावजूद मौके पर सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे।

न तो लाइफ जैकेट की व्यवस्था थी, न प्रशिक्षित गोताखोर
यहां न तो लाइफ जैकेट की व्यवस्था थी, न प्रशिक्षित गोताखोर मौजूद थे और न ही बच्चों की सुरक्षा के लिए कोई विशेष निगरानी दिखाई दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि भारी भीड़ के बावजूद संचालकों ने सुरक्षा मानकों को गंभीरता से नहीं लिया, इसका खामियाजा अब एक मासूम की जान गंवाकर भुगतना पड़ा। इस हादसे के बाद लोगों में भारी आक्रोश है और प्रशासन से कार्रवाई की मांग उठ रही है। इसका लाइसेंस न होने की बात भी ग्रामीण बता रहे है।
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