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Budaun News: किसके आदेश पर रोकी गई प्रभात फेरी... ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन, कार्रवाई की मांग

Thu, 22 Jan 2026 09:01 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, इस्लामनगर (बदायूं)

सार

बदायूं के थाना इस्लामनगर क्षेत्र के ग्राम ब्यौर कासिमाबाद में प्रभात फेरी रोकने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गांव के लोगों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। जिसमें निष्पक्ष जांच कराए जाने के साथ दोषी अफसरों पर कार्रवाई करने की मांग की गई है। 
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ग्रामीणों से मिले भाजपा नेता - फोटो : संवाद
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विस्तार
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बदायूं के थाना इस्लामनगर क्षेत्र के ग्राम ब्यौर कासिमाबाद में 16 जनवरी की सुबह प्रभात फेरी निकाल रहे श्रद्धालुओं पर पुलिस-प्रशासन द्वारा लाठीचार्ज किए जाने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। बृहस्पतिवार को गांव पहुंचे भाजपा प्रतिनिधि मंडल ने लोगों से मिलकर उनका हाल जाना। बता दें कि इस मामले में थाना प्रभारी समेत चार पुलिस कर्मी लाइन हाजिर किए जा चुके हैं।

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ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से परंपरागत मार्ग से निकलने वाली प्रभात फेरी को पुलिस ने रोक दिया और भीषण ठंड व घने कोहरे के बीच श्रद्धालुओं पर बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज किया गया। आरोप है कि घरों से लोगों को निकालकर भी मारपीट की गई, जिसमें बच्चों व बुजुर्गों सहित कई श्रद्धालु घायल हुए तथा कुछ के हाथ-पैर टूटने की बात कही जा रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिना किसी विरोध के निकल रही प्रभात फेरी पर यह कार्रवाई किसके आदेश पर हुई, इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। समस्त ग्रामवासियों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

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ब्यौर कासिमाबाद पहुंचा भाजपा प्रतिनिधिमंडल
ग्राम ब्यौर कासिमाबाद में बृहस्पतिवार को पहुंचे भाजपा प्रतिनिधि मंडल ने पीड़ित ग्रामीणों से घर-घर जाकर मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव गुप्ता ने किया। उनके साथ विधायक दातागंज राजीव सिंह, विधायक हरीश शाक्य, विधायक महेश गुप्ता, पूर्व विधायक कुशाग्र सागर मौजूद रहे। 

भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने ग्रामीणों से घटना की विस्तृत जानकारी ली। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि घरों में घुसकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के साथ मारपीट की गई थी तथा भारी पुलिस बल तैनात था। इस दौरान ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के नाम संबोधित एक शिकायती पत्र भी जनप्रतिनिधियों को सौंपा। गांव में प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए और अपनी-अपनी पीड़ा साझा की।


 
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