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Budaun News: सरकारी भूमि कब्जा मुक्त कराने पहुंची वन विभाग की टीम पर हमला, कार समेत दो वाहनों में तोड़फोड़

Tue, 23 Dec 2025 06:59 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं

सार

बदायूं के उझानी थाना क्षेत्र में वन विभाग की टीम पर हमले का मामला सामने आया है। गंगा पार कटरी इलाके में विभागीय भूमि को कब्जामुक्त कराने पहुंची वन विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। वन कर्मियों से मारपीट की। उनके वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई। 
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हमलावरों ने कार में की तोड़फोड़ - फोटो : संवाद
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विस्तार
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बदायूं के उझानी थाना क्षेत्र के गंगा पार कटरी इलाके में सोमवार रात विभागीय भूमि को कब्जामुक्त कराने पहुंची वन विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। हमले में कार समेत दो वाहन क्षतिग्रस्त कर दिए गए। हमलावर ग्रामीणों ने मारपीट की तो वन कर्मियों को जान बचाकर भागना पड़ गया। इसे लेकर इलाके में मंगलवार सुबह तक अफरातफरी का माहौल बना रहा। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए डीएफओ निधि चौहान ने एसएसपी डॉ बृजेश कुमार सिंह से मिलकर पूरे मामले की जानकारी दी।

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वन विभाग की टीम पर हमले का मामला सोमवार रात करीब एक बजे का है। चंदनपुर रेंज में वन विभाग की सैकड़ों बीघा जमीन है। आरोप है कि अधिकतर पर कासगंज जिले में सोरों कोतवाली क्षेत्र और बदायूं जिले की कटरी के ग्रामीणों ने कब्जा कर सरसों और गेहूं की फसल उगा ली है। वन कर्मियों ने पिछले दिनों विभागीय जमीन को कब्जामुक्त कराने के लिए कोशिश शुरू की थी। बताते हैं कि उस वक्त सफलता नहीं मिली तो वन विभाग की टीम रेंजर विक्रेंद्र कुमार, गार्ड वीरेंद्र कुमार, वन दरोगा शुभम प्रताप और आदित्य गंगवार के साथ गंगा पार इलाके में मौके पर पहुंच गई। टीम के साथ कंटीमेंटर और हैरों लगे ट्रैक्टर भी थे।

दो वाहनों में की तोड़फोड़ 
वन कर्मी ट्रैक्टरों के जरिये फसल की जुताई करके उन्हें कब्जामुक्त कराते, उससे पहले ही ग्रामीणों को भनक लग गई। आरोप है कब्जेदार ग्रामीणों की भीड़ ने खेतों में आकर हंगामा शुरू कर दिया। भीड़ में शामिल ग्रामीणों ने वन कर्मियों के साथ मारपीट भी की। हमले के दौरान खुद को घिरता देख वन कर्मी वाहनों में बैठकर सुरक्षित स्थान की ओर निकले तो उनके वाहनों में तोड़फोड़ की गई। दोनों वाहनों के शीशे चकनाचूर हो गए। 

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एक वाहन में तो लोहे की कुल्हाड़ी भी फंस गई। जान बचाकर मौके पर से भागे वन कर्मियों ने तड़के चार बजे कोतवाली आकर पुलिस से शिकायत की। बाद में डीएफओ निधि चौहान के नेतृत्व में वन कर्मी जिला मुख्यालय पर एसएसपी डॉ. ब्रजेश कुमार सिंह से मिले। इसे लेकर प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार ने बताया कि वन कर्मियों पर हमले की जानकारी मिली है, लेकिन कार्रवाई के लिए उनकी ओर से कोतवाली में तहरीर नहीं दी गई है।

हमले के दौरान मचा फायरिंग का शोर
वन विभाग की टीम कटरी में जहां अपनी भूमि को कब्जामुक्त कराने पहुंची, उस पर पौधारोपण किया जाना है। कब्जे की जानकारी तो विभागीय अफसरों को पहले से थी, लेकिन अफसरों ने कार्रवाई शुरू करने से पहले पुलिस का सहयोग नहीं लिया। वन कर्मियों पर हमले के दौरान ग्रामीणों की ओर से फायरिंग भी किए जाने का शोर मचा। विभाग के कर्मचारी इसे लेकर चुप्पी साधे हुए हैं। 

पकड़े जाने के डर से घर छोड़कर भागे हमलावर
सोमवार रात में हमले के बाद वन विभाग के अफसर और कर्मचारी अपने साथ पीएसी लेकर मंगलवार दोपहर मौके पर पहुंचे तो उन्हें आसपास इलाके में कोई भी व्यक्ति नहीं मिला। हमलावरों में अधिकतर ग्रामीण कासगंज जिले के जिस गांव के निवासी बताए गए हैं, उनकी तलाश भी शुरू कर दी गई है। पकड़े जाने के डर से कई ग्रामीण अपने घरों से भाग गए हैं। इसके बाद भी वन कर्मियों ने अपने संपर्क सूत्रों के जरिये हमलावरों के नाम और पते जुटाने से शुरू कर दिए हैं।

वन कर्मियों की भूमिका पर उठ चुके हैं सवाल
गंगा किनारे की वन विभाग की भूमि पर कब्जे होने का मामला कोई नया नहीं है। गुजरे वर्षों में भी ऐसे ही मामले सामने आते रहे हैं। सरकारी भूमि ही नहीं, इलाके के दबंग लोग सीधे-साधे किसानों की जमीनों पर कब्जा कर लेते हैं। ग्रामीणों की भूमि पर कब्जों को लेकर खूनी संघर्ष भी हो चुके हैं। 
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कासगंज जिले में सिकंदरपुर वैश्य, और सोरों कोतवाली क्षेत्र तो बदायूं के गांव हुसैनपुर खेड़ा, पिपरौल और सहसवान के गांव चंदनपुर के लोगों के बीच जंग में हत्याएं भी हो चुकी हैं। सरकारी जमीनों पर जब भी कब्जा कर फसल उगाई जाती है, जिससे हर बार वन विभाग के कर्मचारियों की भूमिका सवाल उठते रहे हैं।

डीएफओ निधि चौहान ने बताया कि गंगा किनारे वन विभाग की भूमि है। उस भूमि पर पौधरोपण किया जाना है। पौधरोपण से पहले निरीक्षण कराया गया तो कब्जे का मामला सामने आया था। टीम भूमि कब्जा मुक्त कराने गई तो हमला कर दिया गया। दो वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कार्रवाई की जा रही है।
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