उझानी/ कछला। भैंसोरा गांव में पांच नवंबर को सगे भाई-भतीजों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले थे। इसमें घायल बालकराम की इलाज के दौरान आगरा में मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद परिजन उनका आगे की कार्रवाई के लिए शव उझानी कोतवाली ले आए। दोनों भाइयों में पैतृक जमीन को लेकर विवाद चल रहा है।
घायल बालकराम का घटना के अगले दिन से आगरा के प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा था। उनकी मंगलवार को मौत हो गई। इसके बाद आगरा में ही शव का पोस्टमार्टम कराया गया। बालकराम के साथ उनके बेटों में नन्हे भी घायल हुआ था। अब उसकी हालत में सुधार है। बालकराम का शव लेकर देर रात कोतवाली पहुंचे परिजनों ने पुलिस को मौत के बारे में जानकारी दी, बाद में शव गांव ले गए। शव पहुंचते ही घर में कोहराम मच गया।
प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि बालकराम के बेटे सुधीर की ओर से शेरसिंह, सुखवीर, सौरभ और गौरव के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। उसे हत्या की धाराओं में तरमीम कर विवेचना शुरू कर दी गई है।
मारपीट में दूसरे पक्ष से भी घायल हुए थे दो लोग
भैंसोरा में बालकराम और शेर सिंह के बीच विवाद की असल वजह वह जमीन थी, जो पहले ही तीन भाइयों में बांटी जा चुकी है। बताते हैं कि बंटवारे के बाद बालकराम ने नलकूप का भी निर्माण करा लिया था, लेकिन पिछले कुछेक महीने से शेरसिंह और बेटे फिर से बंटवारा करने की जिद पर अड़ गए थे। वह जब लाठी-डंडे लेकर नलकूप पर पहुंचे तो मारपीट हो गई। दूसरे पक्ष से शेर सिंह के बेटे ने भी बालकराम, नन्हे और संजय के खिलाफ मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शेरसिंह का सैफई के मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।
मृतक बालकराम। फाइल फोटो