हाईस्कूल, इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा के लिए बनाए जाने वाले कक्ष निरीक्षकों में भी स्कूल संचालक खेल करने से बाज नहीं आ रहे हैं। मांगे गए कक्ष निरीक्षकों की सूची में स्कूल में तैनाती के अलावा इजाफा कर दफ्तर भेजा जा रहा है। विभागीय लोगों की मिलीभगत के चलते सूची को स्वीकार भी कर लिया जा रहा है।
केंद्र निर्धारण होने के बाद केंद्र व्यवस्थापक और कक्ष निरीक्षक तय करने की कार्रवाई की जा रही है। लिहाजा डीआईओएस कार्यालय की ओर से सभी स्कूलों से कक्ष निरीक्षकों की सूची भी मांगी जा रही है। आरोप है कि जिले के स्कूल जो कक्ष निरीक्षकों की सूची भेज रहे हैं। उसमें मौजूदा शिक्षकों से दोगुने शिक्षकों के नाम भेजे जा रहे हैं। खेल करने में सबसे ज्यादा वित्तविहीन स्कूलों का नाम आ रहा है। विभागीय जानकार बताते हैं कि किसी स्कूल में अगर दस शिक्षक हैं, तो वहां से दोगुने यानी की बीस के नाम की सूची बनाकर दी जा रही है। ताकि यह स्कूल बोर्ड परीक्षा में आसानी से खेल कर सकें। डीआईओएस वीना यादव ने बताया कि कक्ष निरीक्षकों की सूची मांगी गई है। उन्हें दिखवाया जा रहा है। उनके स्टाफ की जानकारी भी ली जा रही है। गलत होने पर कार्रवाई भी की जाएगी।