बदायूं। सन साल 2022 में कई ऐसे कामों के धरातल पर उतरने की उम्मीद बंधी है जिनके पूरा होने से जिले में विकास को रफ्तार मिलनी तय है। गंगा एक्सप्रेस वे, सीवर लाइन, रिंग रोड, स्वास्थ्य उपकेंद्र, पंचायत घर व नए स्कूल जब धरातल पर होंगे तो हर क्षेत्र में तरक्की का मार्ग प्रशस्त होगा। सूखी अरिल नदी की खोदाई रामपुर दिशा से होती हुई जिले की सीमा में दबतोरी क्षेत्र तक आ गई है। इससे भी किसानों को सिंचाई की सुविधा बेहतर होने के साथ ही भूगर्भ जलस्तर बेहतर होगा।
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गंगा एक्सप्रेस वे : अधिग्रहण के बाद शुरू होगा काम
मेरठ से प्रयागराज के बीच करीब 595 किमी लंबा गंगा एक्सप्रेस-वे बदायूं की चार तहसीलों के 85 गांवों में करीब 95 किमी दूरी तय करेगा। 12 जिलों से होकर गुजरने वाले गंगा एक्सप्रेस-वे की सबसे ज्यादा लंबाई बदायूं जिले में होगी। एक्सप्रेस-वे बिसौली के 38, बदायूं के 18, बिल्सी तहसील के दो और दातागंज के 27 गांवों से होकर शाहजहांपुर की सीमा में प्रवेश करेगा। गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए जिले में 1059.3538 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है पर करीब 46 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण अब तक नहीं हो सका है। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक ही जिले में 96 प्रतिशत अधिग्रहण का लक्ष्य पूरा हो सका है। सर्वाधिक अधिग्रहण शेष दातागंज तहसील में बाकी है तो कुछ हिस्सा बिसौली का भी बचा है। जिले में अब तक भूमि अधिग्रहण के बदले 840 करोड़ का मुआवजा दिया जा चुका है। अफसरों का कहना है कि जो भूमि विवादित है या बैनामे नहीं हो सके हैं, वहां शासन के आदेश से अधिग्रहण कर लिया जाएगा। संबंधित किसानों को कोर्ट व शासन के निर्देश पर मुआवजा दिया जाता रहेगा।
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सीवर ट्रीटमेंट प्लांट : एसटीपी प्लांट का टेंडर लगा, फाइल पर स्वीकृति जल्द
चोक नालों और गंदगी से कराहते शहर में सीवर लाइन की मांग काफी पुरानी है। इसके लिए आठ दिसंबर को डीपीआर दाखिल हो चुकी है। सीवर लाइन का काम दो फेज में होना है। पहले फेज में शेखूपुर रोड पर सोत नदी किनारे सीवर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाना है। दूसरे फेज में सीवर लाइन डाली जाएगी। शहर में करीब 180 किमी सीवर लाइन और सीवर ट्रीटमेंट प्रोजेक्ट पर 485 करोड़ खर्च होंगे। सीवर लाइन का काम शाहजहांपुर जल निगम को दिया गया था। निगम की टीम कई बार सर्वे कर चुकी है। नगर पालिका के स्तर से ढाई एकड़ भूमि के अधिग्रहण की कार्रवाई चल रही है। संबंधित किसानों की सहमति मिलने के बाद 40 करोड़ 20 लाख का एस्टीमेट शासन को भेज दिया गया है। इसके लिए टेंडर लगाने का काम भी हुआ है। सीवर ट्रीटमेंट प्लांट की फाइल स्वीकृति को मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंच चुकी है। एक-दो दिन में इसकी मंजूरी होने की उम्मीद है।
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रिंगरोड का प्रस्ताव फाइलों में कैद
शहर में सपा सरकार की बड़ी उपलब्धि बदायूं बाईपास है। हालांकि भाजपा सरकार ने भी इस बाईपास पर अधूरे पड़े सोत नदी पुल को बनवाकर इसे चालू कराने का काम किया। शहर से जुड़ने वाले बरेली, आंवला, चंदौसी, कादरचौक, कासगंज व बिल्सी रोड को यह बाईपास जोड़ता है। हालांकि लंबे समय से एक और बाईपास की जरूरत महसूस हो रही है जिससे दोनों बाईपास मिलकर शहर का रिंग रोड तैयार हो सके। साढ़े 21 किमी का यह नया बाईपास दातागंज, शाहजहांपुर, फर्रुखाबाद रोड को जोड़ता हुआ नौशेरा पर मौजूदा बाईपास में जुड़ेगा। करीब पौने चार सौ करोड़ के प्रोजेक्ट की पत्रावली तैयार कराकर प्रशासन काफी पहले शासन को भेज चुका है। नगर विकास राज्यमंत्री इसके लिए प्रयास कर चुके हैं। अगर नए साल में इसे मंजूरी मिली तो यह भी जिसे के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।
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सीएम ने 97 स्वास्थ्य उपकेंद्र का किया लोकार्पण, भवन बनेंगे
पिछले महीने मुख्यमंत्री ने जिले में 97 स्वास्थ्य उपकेंद्रों का लखनऊ से लोकार्पण किया था। हालांकि इसे लेकर तमाम सवाल उठे थे। तमाम उपकेंद्रों का अस्तित्व ही नहीं था तो कुछ प्रधानों ने अपने रिश्तेदारों के यहां किराए पर खोल रखे थे। नए साल में इनके भवनों का निर्माण पूरा हो सकेगा। इससे गांवों में स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियां दुरुस्त हो सकेंगी।
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सूखी अरिल नदी बनेगी सदानीरा, किसानों को होगा फायदा
संभल, मुरादाबाद, रामपुर जिले के सीमा क्षेत्र में होकर बदायूं जिले में आने वाली अरिल नदी में जल्द ही जल बहना शुरू हो जाएगा। शासन के आदेश पर बदायूं जिले से जुड़ने वाली सीमा तक इस नदी की खोदाई दिसंबर के अंत तक पूरी हो चुकी है। बदायूं जिले में दबतोरी क्षेत्र के गांव ललुआनगला से होकर जिले की सीमा में नदी का प्रवेश होता है। इस नदी में जल आने से बदायूं जिले के गांव करलाबाला, सिरसांवा, बिजौरी, संग्रामपुर, लक्ष्मीपुर, दबतोरा, ललुआनगला, बीधानगला, मुसियानगला, मोतीपुरा, दौलतपुर व भरतपुर आदि गांवों के किसानों को सिंचाई की समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी।
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सीवर लाइन की फाइल सीएम कार्यालय पहुंच चुकी है। इसकी जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इससे संबंधित कई स्थानीय काम पूरे करा लिए गए हैं। सीवर लाइन की मंजूरी व बजट जारी होते ही इसका काम शुरू करा दिया जाएगा।
- महेश चंद्र गुप्ता, नगर विकास राज्यमंत्री
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गंगा एक्सप्रेस वे में स्थानीय प्रशासन के स्तर का काम लगभग पूरा हो चुका है। शेष भूमि भी शासन के निर्देश पर अधिग्रहित कर ली जाएगी। मुआवजा उच्च स्तरीय निर्देश के अनुसार पात्र किसानों को मिल जाएगा। कई अन्य निर्माण तेजी से चल रहे हैं। जनता को उनका लाभ मिलेगा।
- दीपा रंजन, डीएम