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डेनीप्रो से बस बुक करके निकले, रास्ते में कई जगह खतरों को पार किया

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परिवार के साथ सोई आश्रम पहुंचे आनंद यादव। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। यूक्रेन से घर लौटे इस्लामनगर के इमरान और तौहीद आलम ने डेनीप्रो से हंगरी तक के सफर में हुईं मुश्किलों के बारे में बताया। इमरान, तौहीद आलम और ओसामा डीनेप्रो से 50 छात्र-छात्राओं के ग्रुप के साथ बस बुक करके हंगारी को निकले थे। लंबा सफर तय करने के बाद उनको घंटों बॉर्डर पर लाइन में लगना पड़ा। ओसामा रविवार को ही घर लौट आए थे। इमरान और तौहीद की घर वापसी सोमवार को हुई।
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इमरान और तौहीद ने बताया कि शून्य से चार-पांच डिग्री तापमान नीचे बीच खुले आसमान के नीचे रहना और मिसाइल गिरने के खतरों के बीच वहां से निकला काफी मुश्किल था। सफर में कई बार उनको खतरों को पार करना पड़ा। हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट पहुंचने के बाद खतरा टला, लेकिन समस्या यहां भी रही। भूखा रहना पड़ा। पानी की कुछ बोतलें उन लोगों ने साथ रख ली थीं। कुछ बिस्कुट के पैकेट और स्नेक्स के जरिये काम चलाया।
छात्रों ने बताया कि हमलों के बीच कोई किसी की मदद करने वाला नहीं था। भारतीय छात्र-छात्राएं ही एक दूसरे की मदद कर रहे थे। तीन दिन हंगरी में रहने के बाद उनको वहां से मुंबई की फ्लाइट मिली। मुंबई पहुंचने के बाद राहत महसूस हुई। मुंबई पहुंच कर खाना भी खाया। बाद में दिल्ली होते हुए सोमवार को बदायूं पहुंचे।
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आनंद बोले-मुश्किलों भरा रहा खारकीव से हंगरी का सफर
बदायूं। शहर के डीएम रोड निवासी पशु चिकित्साधिकारी राघवेंद्र यादव के बेटे आनंद यादव की भी सोमवार को घर वापसी हो गई। आनंद खारकीव मेडिकल यूनिवर्सिटी के एमबीबीएस छात्र हैं। खारकीव पर रूसी सेना के हमलों के बीच आनंद यादव बुधवार को ट्रेन से अतिरिक्त दूरी तय कर पोलैंड के लिए निकले थे। यहां बॉर्डर पर प्रवेश न मिलने के कारण उनको हंगरी जाना पड़ा। लंबे सफर और शून्य से पांच-छह डिग्री नीचे तापमान के बीच उनको बुखार भी आ गया।
आनंद ने बताया कि बम धमाकों के बीच मिसाइल के हमले भी हो रहे थे। इस दौरान खारकीव से हंगरी तक का सफर काफी मुश्किलों से भरा रहा। खारकीव से उनकी ट्रेन यूक्रेव की राजधानी कीव होते हुए निकली। बाद में पोलैंड बार्डर तक बस से सफर पूरा किया। यहां बॉर्डर पर भारतीय छात्रों के साथ अभद्रता हुई। पोलैंड में प्रवेश न मिलने पर उनको भारतीय छात्रों के साथ अतिरिक्त सफर तय कर हंगरी जाना पड़ा। बुखार भी आ गया। आनंद यादव ने शनिवार रात हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी। स्वास्थ्य खराब होने के कारण दिल्ली पहुंचने के बाद उन्होंने मौसी के घर आराम किया। आनंद के पिता बेटे की घर वापसी से बेहद खुश हैं।

यूक्रेन से लौटे तौहीद अपने परिवार के साथ। संवाद- फोटो : BADAUN

 

यूक्रेन से लौटे इमरान अपने परिवार के साथ। संवाद- फोटो : BADAUN

 

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