बदायूं। आठ साल पहले मरने वाले जसपाल को आरोपी बनाकर उसके खिलाफ चार्जशीट लगाने के मामले में इंस्पेक्टर उझानी ने कोर्ट में आख्या भेजी है।
मृतक के खिलाफ चार्जशीट लगाने का मामला संज्ञान में आने के बाद उसके बेटे ने सीजेएम कोर्ट में शिकायत की थी। कोर्ट ने उझानी कोतवाली पुलिस से आख्या तलब करने के निर्देश दिए। उझानी इंस्पेक्टर ने अपनी आख्या कोर्ट में पेश करते हुए बताया है कि उन्होंने फोन पर विवेचक से जानकारी ली तो बताया कि मामले की जांच में मुख्य आरोपी राजपाल के साथ जसपाल नाम के व्यक्ति का भी नाम प्रकाश में आया। जब राजपाल से जसपाल को बुलाने को कहा तो वह एक व्यक्ति को ले आया और बताया कि यही जसपाल है।
आरोपी ने यह नहीं बताया कि जसपाल की मौत आठ साल पहले हो चुकी है। दोनों ने कोई आधार कार्ड नहीं दिखाया, ऐसे में उसकी बात पर भरोसा करते हुए दोनों को नोटिस तामील कराया और चार्जशीट में उसका नाम शामिल कर दिया। आख्या में भी विवेचक की लापरवाही उजागर हुई है। आखिर दरोगा ने बिना पहचान पत्र आईडी कार्ड देखे कैसे नोटिस तामील करा दिया। गांव के अन्य लोगों से भी इसकी जानकारी नहीं ली गई।
ये था पूरा मामला
उझानी के गांव बरायमय खेड़ा में राजपाल के घर नौ अक्टूबर 2023 को सांप का जोड़ा निकला था। राजपाल ने उसे लाठी से पीटकर मार डाला। इस मामले में पशु प्रेमी विकेंद्र शर्मा ने राजपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की विवेचना कोतवाली में तैनात रहे दरोगा मुकेश त्यागी ने की थी। राजपाल के साथ ही चार्जशीट में जसपाल नाम के व्यक्ति को आरोपी बना दिया गया। पिछले दिनों जसपाल के घर कोर्ट का नोटिस पहुंचा तो परिजनों को इसकी जानकारी हुई। जसपाल के बेटे भगवानदास ने कोर्ट में अपने अधिवक्ता के माध्यम से प्रार्थना पत्र देकर बताया कि जसपाल की मौत आठ साल पहले 2015 में हो चुकी है। इस पर कोर्ट ने उझानी पुलिस से आख्या तलब की थी। फिलहाल अदालत ने इस मामले की सुनवाई के लिए 17 सितंबर की तारीख लगाई है। इंस्पेक्टर मनोज कुमार का कहना है कि कोर्ट ने आख्या मांगी थी जो भेज दी गई है। विवेचक को तलब किया होगा तो वह कोर्ट को जवाब देंगे।