हाईवे निर्माण में फंसा मंदिर, जिसे लेकर चल रहा था विवाद। संवाद
बिनावर। थाना बिनावर क्षेत्र के बरेली-मथुरा हाईवे चौड़ीकरण में फंसे मंदिर पर दो गांवों के लोगों ने अपना-अपना दावा ठोका है। बुधवार को करतौली गांव के लोग मंदिर से मूर्ति लेने पहुंच गए तो सूचना पर ढकिया गांव के लोग भी आ धमके। दोनों गांवों के लोगों में विवाद की सूचना पर थाना पुलिस भी पहुंच गई। बाद में एक पुराने फैसले के आधार पर तय हुआ कि मंदिर के भगवान करतौली वाले तो मंदिर के ढांचे की ईंटें आदि सामान ढकिया गांव के लोग ले जाएंगे। तय हुआ कि मंदिर निर्माण के लिए हाईवे निर्माण एजेंसी दोनों गांव को 9-9 लाख रुपये देगी।
थाना क्षेत्र में हाईवे विस्तार में फंसे मंदिर को हटाना पड़ेगा। यह मंदिर ढकिया गांव के पास बना हुआ है। निर्माण एजेंसी ने इसके लिए 18 लाख रुपये देने की बात कही है। इसी को लेकर करतौली गांव के लोगों का कहना था कि मंदिर में शिवालय और हनुमान की मूर्ति चंदा करके उन्होंने लगवाई थी। इसलिए मंदिर उनके गांव में बनना चाहिए।
वहीं ढकिया गांव के लोगों का कहना था कि मंदिर उनके गांव के करीब है, इसलिए उनके गांव में बने। बुधवार को करतौली गांव के लोग प्रधान परिवार के सूरजपाल के नेतृत्व में मंदिर से मूर्तियां निकालने पहुंच गए। इधर, ढकिया के प्रधान परिवार के उरवेश के साथ भी ग्रामीण मंदिर पर पहुंच गए। दोनों में मूर्तियाें को लेकर विवाद होने लगा।
सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। तब करतौली के लोगों ने 20 दिन पहले एक विधायक के घर हुए फैसले की कॉपी दिखाई। इसके बाद तय हुआ कि मूर्ति करतौली तो मंदिर के ढांचे की ईंटें ढकिया के ग्रामीओं को दी जाएंगी। दोनों ही गांवों में मंदिर का निर्माण होगा। निर्माण एजेंसी से मिलने वाली करीब 18 लाख की धनराशि भी दोनों गांवों में मंदिर निर्माण के लिए आधी-आधी बांटी जाएगी। पुलिस ने दोनों गांव के लोगों से इस फैसले पर अमल करने को कहा है। पुलिस ने इस संबंध में एक दोनों गांवों के लोगों से राजीनामा भी करवा लिया है।