बदायूं। बुखार और मलेरिया का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से कराई गई जांच में कल्लिया काजमपुर गांव में दो और मरीज मलेरिया पॉजिटिव मिले हैं। इसके अलावा समरेर क्षेत्र के रामपुर काला गांव में भी दो मरीज पॉजिटिव पाए गए। अब तक नौ मरीज मलेरिया से पीड़ित पाए जा चुके हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
बुखार और मलेरिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिले के 11 गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाए। इन शिविरों में कुल 1391 मरीजों ने अपनी जांच कराई। इनमें से 669 मरीजों को बुखार की शिकायत मिली। डॉक्टरों ने सभी को दवाएं दी और मलेरिया-डेंगू जैसी बीमारियों के लक्षणों के बारे में जागरूक किया। विभागीय टीम ने लोगों से साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने और घरों के आसपास पानी जमा न होने देने की अपील की।
वर्जन-
- हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। टीमों को गांवों में भेजा गया है और सभी को समय पर दवा व इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। मलेरिया और बुखार पर नियंत्रण पाने के लिए पूरी सतर्कता बरती जा रही है। - डॉ. तहसीन, जिला सर्विलांस अधिकारी
स्वास्थ्य विभाग का दावा, बुखार से नहीं हुई मौत
बदायूं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से दावा किया गया है कि कल्लिया काजमपुर में बुखार से मौत नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि भूपन देवी की मौत ह्दयघात से हुई है। सुरभि को 20 दिन पहले जब बुखार आया तो प्राइवेट डॉक्टर की जांच में टाइफाइड की पुष्टि हुई थी। 26 अगस्त को फिर बुखार आया तो उसको पेट दर्द और उल्टी हुई। उसके बाद वह बेहोश हो गई। परिजनों ने उनको प्राइवेट डॉक्टर को दिखाया। वहां पर उनकी मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह मौत इंटेस्टाइनल परफोरेशन के कारण सेप्टिक शॉक से हुई है। वहीं कल्याण उर्फ कल्लू की मौत का कारण अभी अज्ञात है।
गांव पहुंची टीम ने बुखार से पीड़ितों को दी दवाएं
इस्लामनगर। क्षेत्र के गांव नदेरी, अचलपुर, भगवन्तनगर, मौसमपुर आदि गांव में बुखार का प्रकोप है। इसको लेकर बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम गांवों में पहुंची और शिविर लगाकर गांव वालों को दवाइयां वितरित की। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवनीत ने बताया कि कुछ लोगों के खून की जांच को भी लिखा गया है। वह सीएचसी पर जाकर खून की जांच करा सकते है। संवाद
हरनाथपुर मुस्तखर्जा में बुखार का प्रकोप, झाेलाछाप से करा रहे इलाज
कुंवरगांव। गांव हरनाथपुर मुस्तखर्जा के कई लोग बुखार से पीड़ित हैं। गांव की गलियों में गंदगी और कूड़ा फैल है। बारिश के बाद से गांव में जलभराव के हालत बन गए हैं। इससे मच्छर पनप रहे हैं। गांव के राधेश्याम, मनमोहन सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीम कैंप लगाकर मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण करें, तो काफी राहत मिले। उन्होंने गांव में नियमित रूप से सफाई किए जाने की मांग की है। संवाद
अस्पताल में वार्ड फुल, मेडिकल कॉलेज में भी मरीजों की भीड़
बदायूं। जिला अस्पताल के मलेरिया वार्ड में नौ मरीज भर्ती हुए। इसमें से पांच के प्लेटलेट्स कम पाए गए। हालांकि इनमें किसी में डेंगू की पुष्टि नहीं हुई। अन्य चार मरीज साधारण बुखार से पीड़ित थे। मेडिसिन वार्ड में भी तीन मरीज भर्ती रहे। दिन में यहां करीब 1500 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। इसी तरह मेडिकल कॉलेज में भी करीब दो हजार से अधिक मरीजों ने इलाज कराया। अस्पताल में सुबह से ही पर्चा काउंटर, चिकित्सकों के कक्ष और दवा काउंटर पर मरीजों की लंबी कतार लगी रही। यहां 146 मरीज संक्रामक रोग से ग्रसित पहुंचे, जिनमें से 100 से अधिक बुखार से ग्रसित थे। जांच में तीन मरीज मलेरिया और तीन टाइफाइड से पीड़ित मिले।
नदेरी गांव में लोगों को दवा देती स्वास्थ्य विभाग की टीम। संवाद- फोटो : अमर उजाला
नदेरी गांव में लोगों को दवा देती स्वास्थ्य विभाग की टीम। संवाद- फोटो : अमर उजाला