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दीपोत्सव पर चार दिन में ज्यादा फुंक गई आठ लाख यूनिट बिजली

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बदायूं। दीपोत्सव पर निर्बाध बिजली सप्लाई के आदेश के बाद जिले में चार दिन में करीब आठ लाख यूनिट अतिरिक्त बिजली की खपत होने का अनुमान है। पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों का दावा है कि दीपोत्सव पर लगातार चार दिन शहर से लेकर गांव तक 24 घंटे बिजली दी गई है।
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जिले में मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के चार खंड है। एक अनुमान के अनुसार रोजाना जिले में करीब 10 लाख यूनिट बिजली की खपत होती है। इसमें कामर्शियल और औद्योगिक बिजली कनेक्शन भी शामिल हैं। यह खपत का आंकड़ा तब का है जब शहर से लेकर देहात तक बार-बार बिजली कटौती की जाती है। इस बार प्रदेश सरकार ने दीपोत्सव पर 12 नवंबर से 15 नवंबर तक 24 घंटे बिजली सप्लाई का आदेश दिया था। इन दिनों प्रतिदिन बिजली खपत का आंकड़ा करीब 12 लाख यूनिट पहुुंच गया है। बिजली की इस खपत में लाइनलॉस भी शामिल है।
दीपोत्सव पर झालरें आदि जलाकर रोशनी की जाती है। शहर से लेकर गांव तक बिजली का खर्च कई गुना तक बढ़ जाता है। इस दौरान काफी लोग मौका लगने पर चोरी से भी बिजली का इस्तेमाल करते हैं। दीपोत्सव के दौरान एक अनुमान के अनुसार प्रतिदिन दो लाख यूनिट अतिरिक्त बिजली खर्च हुई है।
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शहर मेें सबसे ज्यादा खर्च हुई बिजली
- जिले में मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के प्रथम बदायूं, द्वितीय दातागंज, तृतीय बिसौली और चतुर्थ सहसवान खंड हैं। पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों का कहना है कि दीपोत्सव पर सबसे ज्यादा बिजली का खर्च प्रथम खंड में हुआ है। दरअसल प्रथम खंड में शहर और शहर से जुड़ा टाउन एरिया आता है। बाकी के खंडों के मुकाबले यहां आबादी और बिजली कनेक्शन भी ज्यादा हैं। सबसे कम खर्च द्वितीय खंड दातागंज में हुआ है। कहा यह भी जा रहा है कि प्रतिदिन दो लाख यूनिट खर्च हुई बिजली की अब भरपाई की जाएगी। हालांकि अधिकारी इससे इंकार कर रहे हैं।
औद्योगिक इकाइयां बंद होने से मिली अतिरिक्त बिजली
- पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों का कहना है कि दीपोत्सव पर ज्यादातर औद्योगिक इकाइयां बंद रहती हैं। इस दौरान वहां बिजली की खपत नहीं होती। इसके साथ ही कामर्शियल खर्च भी कम हो जाते हैं। सिर्फ घरेलू खर्च बढ़ता है। औद्योगिक और कामर्शियल इकाइयों के बंद रहने से जो बिजली बचती है उसका इस्तेमाल इसी तरह से किया जाता है। दीपावली पर भी औद्योगिक क्षेत्र से बची बिजली का इस्तेमाल दीपोत्सव पर निर्बाध सप्लाई के रूप में किया गया है।
जिले में प्रतिदिन करीब 10 लाख यूनिट बिजली खर्च होती है। दीपावली पर शासन का 24 घंटे निर्बाध सप्लाई का आदेश था। आदेश के अनुपालन में शहर से लेकर गांव तक 24 घंटे बिजली दी गई है। इस दौरान प्रतिदिन करीब 20 प्रतिशत खर्च बढ़ा है। दीपोत्सव पर औद्योगिक इकाइयां बंद रहने से बचने वाली बिजली का इस्तेमाल किया गया है। कहीं से बिजली कटौती की कोई शिकायत नहीं है।
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- सुशील कुमार गर्ग, एसई पावर कॉरपोरेशन
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