दहगवां/जरीफनगर। प्रसव के बाद नवजात की मौत हो गई। इस पर प्रसूता के परिवार वालों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। बाद में डॉक्टर के खिलाफ तहरीर भी दी गई, लेकिन दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया।
जरीफनगर थाने के गांव पड़रिया निवासी नेम सिंह ने अपनी पत्नी पूजा को दहगवां के एक निजी जच्चा-बच्चा केंद्र पर प्रसव के लिए भर्ती कराया था। नेम सिंह का आरोप है कि यहां डॉक्टर ने ऑपरेशन से प्रसव की बात बताते हुए 14 हजार रुपये खर्च आने की बात कही। उसने पत्नी की छुट्टी कराने को कहा तो डॉक्टर ने प्रसव के बाद रुपये देने को कहा। इसके बाद डॉक्टर ने उसकी पत्नी को गुन्नौर स्थित अपने दूसरे निजी अस्पताल भेज दिया। वहां उसकी पत्नी का सामान्य प्रसव हुआ, लेकिन लापरवाही के कारण नवजात की मौत हो गई। इस संबंध में इंस्पेक्टर अजय कुमार यादव का कहना है कि मामला रुपयों के लेनदेन का था। रुपये वापस करा दिए गए हैं। दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है।